State Legislature
Subject: Rajasthan Polity & Administration
Sample Practice Questions
Question 1: राजस्थान विधानसभा के द्वारों के नामकरण के संबंध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:1. द्वार संख्या 1 — बृज द्वार 2. द्वार संख्या 2 — शेखावाटी द्वार 3. द्वार संख्या 8 — ढूंढाड़ द्वारउपरोक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
Explanation: विधानसभा भवन के बाहरी द्वारों को राजस्थान के अंचलों बृज, शेखावाटी, वागड़, हाड़ौती, मारवाड़, मेवाड़, मेरवाड़ा और ढूंढाड़ के नाम समर्पित किया गया है। द्वार संख्या एक को बृज द्वार, दो को शेखावाटी द्वार, तीन को वागड द्वार, चार को मेवाड द्वार, पांच को मारवाड द्वारा, छः को हाडौती द्वार, सात को मेरवाड़ा द्वार और द्वार संख्या आठ को ढूंढाड द्वार नाम दिया गया है।राजस्थान विधान सभा में उत्तरी द्वार (पीतल) जहां से राज्यपाल, स्पीकर, मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष प्रवेश करते है उसे कर्त्तव्य द्वार, दक्षिणी द्वार जहां से विधायिका की असली शक्ति जनता का प्रवेश होता है उसे शक्ति द्वार, पश्चिमी द्वार जहां से विधायकगण प्रवेश करते है उसे सुशासन द्वार, पूर्वी द्वार जहां से अधिकारीगण प्रवेश करते है उसे संकल्प द्वार और उत्तरी द्वार (मंदिर) जहां से विशिष्ट व्यक्तियों का आगमन होता है उसे शौर्य द्वार नाम दिया गया है।
Question 2: राजस्थान विधानसभा के नए लोगो के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:1. इसे 18 मई 2026 को विधानसभा की हीरक जयंती के अवसर पर जारी किया गया। 2. इसके डिजाइनर शेर सिंह हैं। 3. लोगो में अशोक स्तंभ, गोडावण और खेजड़ी को स्थान दिया गया है।सही उत्तर चुनिए:
- केवल 1 और 2
- केवल 2 और 3
- केवल 1 और 3
- 1, 2 और 3
Explanation: 18 मई 2026 को राजस्थान विधानसभा की स्थापना के 75वें वर्ष (हीरक जयंती) के उपलक्ष्य में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नया आधिकारिक लोगो (प्रतीक चिन्ह) जारी किया।प्रतीक चिन्ह के अभिकल्पक (डिजाइनर) : शेर सिंह।प्रतीक चिन्ह में शीर्ष पर सुशोभित अशोक स्तंभ भारतीय राजधर्म, सत्य, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। इसमें अंकित गोडावण राजस्थान की सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक अस्मिता का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि खेजड़ी का वृक्ष त्याग, धैर्य और लोकमंगल की परंपरा का संदेश देता है। वहीं ऊँट और गोडावण मरुधरा की सहनशीलता, संघर्ष और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा का प्रतीक है।“राष्ट्राय धर्मनिष्ठा विधायिका” राजस्थान विधान सभा द्वारा की जाने वाली जनसेवा और संवैधानिक मर्यादा का आत्म मंत्र है। राष्ट्र के लिए धर्मनिष्ठा, न्यायपूर्ण और कर्तव्यपरायण विधायिका, सत्य, न्याय, संतुलन और लोकिल्याण के लिए कार्य करती है। स्वतंत्र भारत में भले ही 1952 में विधानसभा गठित हुई परन्तु राजस्थान में 1913 में स्वतंत्रता से पूर्व ही महाराजा गंगा सिंह ने प्रतिनिधि सभा की स्थापना कर विधानसभा की शुरुआत कर दी थी।
Question 3: राजस्थान राज्य विधानसभा के विभागिन्न सदनों में नेता विपक्ष के संबंध में सूची-I एवं सूची-II को सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए कूटों का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए :सूची-Iसूची-II(क) प्रथम सदन(i) लक्ष्मण सिंह(ख) तृतीय सदन(ii) जसवंत सिंह(ग) सप्तम सदन(iii) हरिदेव जोशी(घ) नवम सदन(iv) भैरोंसिंह शेखावतकूट :(क) (ख) (ग) (घ)
- (ii) (i) (iv) (iii)
- (i) (ii) (iii) (iv)
- (iii) (ii) (i) (iv)
- (ii) (iv) (iii) (i)
Explanation: प्रथम सदन → जसवंत सिंहतृतीय सदन → लक्ष्मण सिंहसप्तम सदन → भैरोंसिंह शेखावतनवम सदन → हरिदेव जोशी
Question 4: विघटन वर्तमान सदन की अवधि समाप्त करता है, और आम चुनावों के पश्चात् नवीन सदन गठित होता है। विधेयकों के साथ क्या घटित होता है?a. राजस्थान विधानसभा में लंबित विधेयक व्यपगत नहीं होता है।b. राजस्थान विधानसभा द्वारा पारित और राष्ट्रपति द्वारा पुनर्विचार के लिए लौटाया गया विधेयक व्यपगत होता है।c. राजस्थान विधानसभा द्वारा पारित किन्तु राज्यपाल की अनुमति के लिए लंबित विधेयक व्यपगत नहीं होता है।d. राजस्थान विधानसभा द्वारा पारित किन्तु राष्ट्रपति द्वारा पुनर्विचार के लिए लौटाया गया विधेयक व्यपगत नहीं होता है।
- a और d
- b और c
- a और b
- c और d
Explanation: राजस्थान विधानसभा में लंबित विधेयक व्यपगत होता है। राजस्थान विधानसभा द्वारा पारित और राष्ट्रपति द्वारा पुनर्विचार के लिए लौटाया गया विधेयक व्यपगत नहीं होता है। राजस्थान विधानसभा द्वारा पारित किन्तु राज्यपाल की अनुमति के लिए लंबित विधेयक व्यपगत नहीं होता है।
Question 5: राजस्थान विधानसभा में, लोक महत्त्व के किसी विषय पर स्थगन प्रस्ताव की सूचना जिस दिन प्रस्ताव करना है, उस दिन की बैठक प्रारंभ होने से पूर्व, निम्नलिखित में से किसे नहीं दी जाती है?
- विधानसभा के प्रमुख सचिव को
- संबंधित मंत्री को
- सदन के नेता को
- अध्यक्ष को
Explanation: राजस्थान विधानसभा नियमावली (प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियम, 1952) के अनुसार, स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) की सूचना विधानसभा अध्यक्ष, प्रमुख सचिव और संबंधित मंत्री को दी जाती है।
Question 6: राजस्थान की राजनीति व्यवस्था के बारे में निम्नलिखित कथनों में से सही कथन चुनें -a. विधानसभा कार्य प्रक्रिया नियम सर्वप्रथम 1956 में बनाए गए थे।b. नियमों के अनुसार, विधानसभा के किसी कैलेंडर वर्ष में न्यूनतम 3 सत्र होंगे।c. राजस्थान में कोई ऊपरी सदन नहीं है।d. राजस्थान एक द्विसदनीय राज्य है।
- केवल a, b और d
- केवल a, b और c
- केवल a, c और d
- केवल b, c और d
Explanation: राजस्थान विधानसभा नियम 1956 में बने। नियमों से वर्ष में न्यूनतम 3 सत्र। कोई ऊपरी सदन नहीं, एकसदनीय द्विसदनीय नहीं।
Question 7: राजस्थान विधानसभा की ‘समिति व्यवस्था’ के संदर्भ में दिए गए कथनों पर विचार कीजिए -(I) विधानसभा समितियों को दो श्रेणियों में विभागाजित किया जा सकता है - स्थायी समितियाँ और तदर्थ समितियाँ।(II) राजस्थान विधानसभा में 22 स्थायी समितियाँ हैं, जिनमें से चार वित्तीय हैं और शेष विभागिन्न अन्य विषयों से सम्बंधित हैं।उपर्युक्त कथन/कथनों में से कौनसा/से कथन सही है/हैं -
- केवल (I) सही है।
- न तो (I) और ना ही (II) सही है।
- (I) एवं (II) दोनों सही हैं।
- केवल (II) सही है।
Explanation: राजस्थान विधानसभा की समितियां स्थायी (स्टैंडिंग) और तदर्थ (एड-हॉक) में विभागाजित हैं, जहां स्थायी समितियां नियमित कार्य करती हैं और तदर्थ विशेष उद्देश्यों के लिए गठित होती हैं। वर्तमान में 22 स्थायी समितियां हैं, जिनमें चार वित्तीय और शेष अन्य विषयों से संबंधित हैं।
Question 8: निम्नलिखित में से किस विषय पर, राजस्थान विधानसभा कोई कानून नहीं बना सकती है -
- निगम कर
- कृषि आय पर कर
- वृत्तियों पर कर
- पथकर
Explanation: निगम कर (corporation tax) संघ सूची में है, राज्य विधानसभा नहीं बना सकती।
Question 9: राष्ट्रपति निर्वाचन 2022 में, राजस्थान राज्य विधानसभा के सभी सदस्यों का कुल मत-मूल्य कितना था -
- 26754
- 15708
- 25800
- 21280
Explanation: 2022 राष्ट्रपति चुनाव में राजस्थान के 200 MLAs का मत मूल्य 129 प्रत्येक था (जनसंख्या आधारित), कुल 200 × 129 = 25800।यह वोट मान एक सूत्र से प्राप्त होता है जो राज्य की जनसंख्या (1971 की जनगणना के आधार पर) और विधानसभा में निर्वाचित सदस्यों की कुल संख्या को ध्यान में रखता है।
Question 10: राजस्थान विधानसभा के सत्र को आमंत्रित करने से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :(A) जब सभा के किसी सत्र को आमंत्रित किया जाए तो अध्यक्ष प्रत्येक सदस्य को ऐसी तारीख, समय तथा स्थान की सूचना देगा जो राज्यपाल द्वारा सभा की बैठक बुलाने के निमित्त नियत किये गये हों तथा वह राजपत्र में एक विज्ञप्ति प्रकाशित करवाएगा।(B) परन्तु यदि कोई सत्र अल्प सूचना से बुलाया जाय तो अध्यक्ष सदस्यों को सभा की बैठक की तारीख, समय तथा स्थान की सूचना अन्य किसी रीति से देगा जो राज्यपाल निदेशित करे।सही विकल्प का चयन कीजिए :
- केवल (A) सही है।
- केवल (B) सही है।
- (A) एवं (B) दोनों सही हैं।
- न तो (A), न ही (B) सही है।
Explanation: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 174 राज्यपाल को राज्य विधानमंडल का सत्र बुलाने, सत्रावसान करने और उसे भंग करने का अधिकार देता है।