राजस्थान विधानसभा के नए लोगो के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:1. इसे 18 मई 2026 को विधानसभा की हीरक जयंती के अवसर पर जारी किया गया। 2. इसके डिजाइनर शेर सिंह हैं। 3. लोगो में अशोक स्तंभ, गोडावण और खेजड़ी को स्थान दिया गया है।सही उत्तर चुनिए:
Subject: Rajasthan Polity & Administration
Topic: State Legislature
Options:
- Option A: केवल 1 और 2
- Option B: केवल 2 और 3
- Option C: केवल 1 और 3
- Option D: 1, 2 और 3
Correct Answer:
Option D: 1, 2 और 3
Explanation:
18 मई 2026 को राजस्थान विधानसभा की स्थापना के 75वें वर्ष (हीरक जयंती) के उपलक्ष्य में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नया आधिकारिक लोगो (प्रतीक चिन्ह) जारी किया।प्रतीक चिन्ह के अभिकल्पक (डिजाइनर) : शेर सिंह।प्रतीक चिन्ह में शीर्ष पर सुशोभित अशोक स्तंभ भारतीय राजधर्म, सत्य, न्याय और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। इसमें अंकित गोडावण राजस्थान की सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक अस्मिता का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि खेजड़ी का वृक्ष त्याग, धैर्य और लोकमंगल की परंपरा का संदेश देता है। वहीं ऊँट और गोडावण मरुधरा की सहनशीलता, संघर्ष और निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा का प्रतीक है।“राष्ट्राय धर्मनिष्ठा विधायिका” राजस्थान विधान सभा द्वारा की जाने वाली जनसेवा और संवैधानिक मर्यादा का आत्म मंत्र है। राष्ट्र के लिए धर्मनिष्ठा, न्यायपूर्ण और कर्तव्यपरायण विधायिका, सत्य, न्याय, संतुलन और लोकिल्याण के लिए कार्य करती है। स्वतंत्र भारत में भले ही 1952 में विधानसभा गठित हुई परन्तु राजस्थान में 1913 में स्वतंत्रता से पूर्व ही महाराजा गंगा सिंह ने प्रतिनिधि सभा की स्थापना कर विधानसभा की शुरुआत कर दी थी।