Rajasthan State Human Rights Commission
Subject: Rajasthan Polity & Administration
Sample Practice Questions
Question 1: राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति के लिए जिम्मेदार समिति में निम्नांकित में से कौन सदस्य नहीं होता है ?
- राज्य का मुख्यमंत्री
- राज्य विधानसभा का स्पीकर
- राज्य के उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायमूर्ति
- राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष
Explanation: राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा एक उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिश पर की जाती है। इस समिति में मुख्यमंत्री (अध्यक्ष), विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर), गृह मंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शामिल होते हैं। उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश इस चयन समिति के सदस्य नहीं होते हैं।
Question 2: राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग से सम्बन्धित निम्न कथनों पर विचार कीजिए -(I) आयोग की कार्यप्रणाली का निर्धारण राजस्थान सरकार द्वारा किया जाता है।(II) कार्य संचालन हेतु आयोग में राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग (प्रक्रिया) विनियम, 2001 लागू हैं।सही उत्तर का चयन कीजिए -
- न तो (I) और ना ही (II) सही है।
- (I) एवं (II) दोनों सही हैं।
- केवल (I) सही है।
- केवल (II) सही है।
Explanation: राजस्थान की राज्य सरकार ने दिनांक 18 जनवरी 1999 को एक अधिसूचना राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयेाग के गठन के संबंध में जारी की, जिसमें मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 21(1) के प्रावधानुसार एक पूर्णकालिक अध्यक्ष एवं चार सदस्य रखे गये। अध्यक्ष एवं चार सदस्यों की नियुक्ति कर आयोग का गठन किया गया और मार्च, 2000 से यह आयोग क्रियाशील हो गया था। कार्य संचालन हेतु आयोग में राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ( प्रक्रिया) विनियम, 2001 लागू है। आयोग का मुख्यालय जयपुर में स्थित है।
Question 3: निम्न में से कौन राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के एक अध्यक्ष नहीं थे -
- न्यायमूर्ति प्रेमचंद जैन
- न्यायमूर्ति एस. सगीर अहमद
- न्यायमूर्ति एन.के. जैन
- न्यायमूर्ति कांता भटनागर
Explanation: न्यायमूर्ति प्रेमचंद जैन राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष नहीं थे। श्री प्रेमचंद जैन कभी भी राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष नहीं बने और 22.07.95 से 11.09 तक राजस्थान उच्च न्यायालय में न्यायधीश रहे।
Question 4: राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग के संबंध में त्रुटिपूर्ण कथन को पहचानिए :
- यह एक स्वायत्तशासी निकाय है।
- इसके पास सिविल कोर्ट की सभी शक्तियाँ हैं।
- इसका अपना अन्वेषण दल है।
- यह राजस्थानी भाषा में भी परिवेदनाएँ ग्रहण करता है।
Explanation: आयोग स्वायत्त है, सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां रखता है, और अपना जांच दल है। लेकिन परिवाद हिंदी या अंग्रेजी में ही ग्रहण करता है, राजस्थानी में नहीं।
Question 5: राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग के बारे में निम्नलिखित वाक्यों को ध्यान से पढ़िये तथा सही वाक्य चुनिए :
- इसके गठन की अधिसूचना अक्टूबर 1994 में राज्य सरकार द्वारा जारी की गयी।
- राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग जनवरी 1995 से क्रियाशील है।
- प्रारम्भ में इसमें एक अध्यक्ष तथा छः सदस्यों का प्रावधान रखा गया था।
- आयोग की अपनी जाँच एजेन्सी है जिसका नेतृत्व न्यूनतम पुलिस महानिरीक्षक पद का अधिकारी करता है।
Explanation: राजस्थान की राज्य सरकार ने दिनांक 18 जनवरी 1999 को एक अधिसूचना राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयेाग के गठन के संबंध में जारी की, जिसमें मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 21(1) के प्रावधानुसार एक पूर्णकालिक अध्यक्ष एवं चार सदस्य रखे गये। अध्यक्ष एवं चार सदस्यों की नियुक्ति कर आयोग का गठन किया गया और मार्च, 2000 से यह आयोग क्रियाशील हो गया था। मानव अधिकार संरक्षण (संशोधित) अधिनियम, 2006 के अनुसार राज्य मानव अधिकार आयोग में एक अध्यक्ष और दो सदस्य का प्रावधान किया गया है। आयोग की अपनी एक जांच एजेंसी है, जिसका नेतृत्व पुलिस अधिकारी करता है, जो महानिरीक्षक के पद से नीचे का नहीं होता है।
Question 6: राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग में होते हैं:
- एक अध्यक्ष और दो सदस्य
- एक अध्यक्ष और चार सदस्य
- एक अध्यक्ष और छह सदस्य
- एक अध्यक्ष और पाँच सदस्य
Explanation: मानवाधिकार संरक्षण (संशोधित) अधिनियम, 2006 के अनुसार राज्य मानवाधिकार आयोग में एक अध्यक्ष और दो सदस्यों का प्रावधान किया गया है।
Question 7: राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को केवल किसके द्वारा हटाया जा सकता है -
- राष्ट्रपति
- मुख्यमंत्री
- गृह मंत्री
- राज्यपाल
Explanation: अध्यक्ष और राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है।
Question 8: मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग में अध्यक्ष के अतिरिक्त कितने सदस्य होते हैं -
- 4
- 2
- 1
- 3
Explanation: राजस्थान की राज्य सरकार ने दिनांक 18 जनवरी 1999 को एक अधिसूचना राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयेाग के गठन के संबंध में जारी की, जिसमें मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के प्रावधानुसार एक पूर्णकालिक अध्यक्ष एवं चार सदस्य रखे गये। अध्यक्ष एवं चार सदस्यों की नियुक्ति कर आयोग का गठन किया गया और मार्च, 2000 से यह आयोग क्रियाशील हो गया था। मानवाधिकार संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2006 के अनुसार, राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग में एक अध्यक्ष और दो सदस्य होते हैं।
Question 9: राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :(i) मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 33 में आयोग को वैधानिक गारंटी प्रदान की गई है।(ii) आयोग की अपनी एक जाँच एजेंसी है जिसका प्रमुख महानिरीक्षक के पद से नीचे का पुलिस अधिकारी नहीं होता है।ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं -
- केवल (i)
- केवल (ii)
- (i) और (ii) दोनों
- न तो (i) और न ही (ii)
Explanation: आयोग की अपनी जांच एजेंसी है, जिसका प्रमुख महानिरीक्षक स्तर का पुलिस अधिकारी होता है। मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 33 में आयोग को वैधानिक गारंटी प्रदान नहीं की गई है। धारा 33 आयोग की वित्तीय स्वायत्तता से संबंधित है, न कि वैधानिक गारंटी से।
Question 10: निम्नलिखित में से किसने राज्य मानवाधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में कार्य नहीं किया -
- महेश चन्द्र शर्मा
- एच.आर. कुड़ी
- प्रकाश टांटिया
- जगतसिंह
Explanation: प्रकाश टांटिया का नाम इस सूची में नहीं है और उन्होंने यह भूमिका नहीं निभाई।