राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2022
Subject: Current Affairs & Contemporary Events (समसामयिक घटनाएं)
अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय अधिनियम 2022 के कठोर प्रावधान: 10 वर्ष से आजीवन कारावास, ₹10 करोड़ तक जुर्माना, संपत्ति कुर्की व आजीवन प्रतिबंध।
Sample Practice Questions
Question 1: राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022 के तहत यदि कोई परीक्षार्थी (उम्मीदवार) स्वयं अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए दोषी पाया जाता है, तो उस पर क्या दंडात्मक कार्रवाई होगी? (i) 3 वर्ष तक का कारावास एवं न्यूनतम 1 लाख रुपये जुर्माना (ii) सार्वजनिक परीक्षाओं में सम्मिलित होने से कम से कम 2 वर्ष या आजीवन डिबार (प्रतिबंधित) करना (iii) उसकी चल-अचल संपत्ति कुर्क नहीं की जा सकती कूट:
- केवल (i) और (ii) सही हैं
- केवल (i) और (iii) सही हैं
- केवल (ii) सही है
- (i), (ii) और (iii) सभी सही हैं
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: कथन (i) और (ii) सही हैं। परीक्षार्थी दोषी पाए जाने पर 3 वर्ष तक का कारावास व न्यूनतम 1 लाख रुपये जुर्माना तथा 2 वर्ष या स्थायी रूप से परीक्षाओं से डिबार किया जा सकता है। पेपर लीक गिरोह में संलिप्त होने पर संपत्ति कुर्की (Attachment of property) का भी प्रावधान है, अतः (iii) असत्य है।
Question 2: राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2022 के अंतर्गत दर्ज मुकदमों की जांच कम से कम किस पुलिस अधिकारी द्वारा की जाती है?
- पुलिस उपाधीक्षक (DSP / Deputy Superintendent of Police) या उससे उच्च स्तर के अधिकारी द्वारा
- थाना प्रभारी (SHO / Sub-Inspector) द्वारा
- सहायक उप-निरीक्षक (ASI) द्वारा
- केवल होमगार्ड द्वारा
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: इस अधिनियम के अंतर्गत भर्ती परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग के मामलों की जांच का अधिकार पुलिस उपाधीक्षक (DSP) या उससे उच्च पद के पुलिस अधिकारी को ही दिया गया है।
Question 3: राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022 के तहत दर्ज अपराध किस प्रकृति के होते हैं?
- संज्ञेय, गैर-जमानती तथा अशमनीय (Cognizable, Non-Bailable and Non-Compoundable)
- असंज्ञेय और जमानती (Non-Cognizable and Bailable)
- संज्ञेय किन्तु जमानती (Cognizable but Bailable)
- केवल सिविल प्रकृति के दीवानी मामले
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2022 की धारा 10 के अनुसार इस अधिनियम के अधीन सभी दंडनीय अपराध संज्ञेय (Cognizable), गैर-जमानती (Non-Bailable) तथा गैर-शमनीय / अशमनीय (Non-Compoundable) होंगे।
Question 4: राजस्थान में पेपर लीक और भर्ती परीक्षा घोटालों की रोकथाम एवं जांच हेतु गठित विशेष जांच दल को किस नाम से जाना जाता है?
- एसआईटी (SIT - Special Investigation Team) पेपर लीक रोधी दस्ता
- एसीबी स्पेशल दस्ता
- सीआईडी अपराध शाखा
- टास्क फोर्स 2022
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: राजस्थान सरकार द्वारा भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और संगठित गिरोहों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई हेतु अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
Question 5: राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2022 के तहत यदि कोई परीक्षा प्राधिकरण या एजेंसी किसी अनुचित साधन में संलिप्त पाई जाती है, तो परीक्षा के आयोजन का खर्च किससे वसूला जाएगा?
- संबंधित दोषी प्रबंधन या एजेंसी से ही पूरी तरह वसूला जाएगा
- सभी निर्दोष परीक्षार्थियों से दोबारा फीस लेकर
- न्यायालय के बजट से
- केंद्र सरकार के आपात कोष से
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: अधिनियम की धारा 8 के अनुसार यदि कोई प्रबंधन या परीक्षा एजेंसी पेपर लीक या नकल में संलिप्त पाई जाती है, तो राज्य सरकार द्वारा परीक्षा के पुनः आयोजन पर होने वाला समस्त व्यय ऐसी प्रबंधन संस्था या एजेंसी से भू-राजस्व के बकाए की भांति वसूला जाएगा।
Question 6: 'राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम, 2022' के अंतर्गत पेपर लीक या अनुचित साधनों में लिप्त किसी संगठित गिरोह/प्रबंधन के लिए न्यूनतम एवं अधिकतम कारावास का क्या प्रावधान है?
- न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक
- न्यूनतम 1 वर्ष से 3 वर्ष तक
- केवल 6 माह का कारावास
- न्यूनतम 5 वर्ष से 7 वर्ष तक
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) (संशोधन) अधिनियम के तहत भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल गिरोह या परीक्षा एजेंसी के दोष सिद्ध होने पर न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर 'आजीवन कारावास' (Life Imprisonment) तक की कठोर सजा का प्रावधान किया गया है।
Question 7: राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022 के प्रावधानों के अंतर्गत परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले संगठित सिंडिकेट या संस्था पर अधिकतम कितने रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है?
- अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक
- अधिकतम 50 लाख रुपये तक
- अधिकतम 1 करोड़ रुपये तक
- अधिकतम 10 लाख रुपये तक
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: इस अधिनियम के अंतर्गत संगठित नकल गिरोहों अथवा पेपर लीक में संलिप्त दोषियों पर न्यूनतम 1 करोड़ रुपये से लेकर अधिकतम 10 करोड़ रुपये तक के भारी आर्थिक जुर्माने का प्रावधान है।
Question 8: राजस्थान में 'ऑपरेशन एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स' (AGTF) का गठन संगठित अपराधियों के सफाए हेतु किसके नेतृत्व में किया गया?
- अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) दिनेश एम.एन.
- एम.एल. लाठर
- उमेश मिश्रा
- बी.एल. सोनी
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: राजस्थान में संगठित अपराध और पेपर लीक गिरोहों पर नकेल कसने के लिए एडीजीपी दिनेश एम.एन. के नेतृत्व में एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) का गठन किया गया।
Question 9: राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2022 के अनुसार अनुचित साधनों के अपराधों के विचारण हेतु राज्य सरकार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से किसका गठन कर सकती है?
- विशेष न्यायालय (Special Courts / Fast Track Courts)
- ग्राम न्यायालय
- केवल मध्यस्थता अधिकरण
- उपभोक्ता फोरम
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: अधिनियम की धारा 12 के तहत मुकदमों के त्वरित निस्तारण हेतु राज्य सरकार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से सत्र न्यायालय स्तर के 'विशेष न्यायालय' (Special Courts) अधिसूचित कर सकती है।