राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2022 के तहत यदि कोई परीक्षार्थी (उम्मीदवार) स्वयं अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए दोषी पाया जाता है, तो उस पर क्या दंडात्मक कार्रवाई होगी? (i) 3 वर्ष तक का कारावास एवं न्यूनतम 1 लाख रुपये जुर्माना (ii) सार्वजनिक परीक्षाओं में सम्मिलित होने से कम से कम 2 वर्ष या आजीवन डिबार (प्रतिबंधित) करना (iii) उसकी चल-अचल संपत्ति कुर्क नहीं की जा सकती कूट:
Subject: Current Affairs & Contemporary Events (समसामयिक घटनाएं)
Topic: राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2022
Options:
- Option A: केवल (i) और (ii) सही हैं
- Option B: केवल (i) और (iii) सही हैं
- Option C: केवल (ii) सही है
- Option D: (i), (ii) और (iii) सभी सही हैं
- Option E: अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Correct Answer:
Option A: केवल (i) और (ii) सही हैं
Explanation:
कथन (i) और (ii) सही हैं। परीक्षार्थी दोषी पाए जाने पर 3 वर्ष तक का कारावास व न्यूनतम 1 लाख रुपये जुर्माना तथा 2 वर्ष या स्थायी रूप से परीक्षाओं से डिबार किया जा सकता है। पेपर लीक गिरोह में संलिप्त होने पर संपत्ति कुर्की (Attachment of property) का भी प्रावधान है, अतः (iii) असत्य है।