Other Dynasties of Rajasthan
Subject: Rajasthan History
Sample Practice Questions
Question 1: जैसलमेर की स्थापना से पूर्व भाटी राजवंश की राजधानी थी
- जोधपुर
- मण्डोर
- ओसियाँ
- लुद्रवा/लोद्रवा
Explanation: जैसलमेर की स्थापना 1156 ई. में महारावल जैसल द्वारा की गई थी। जैसलमेर किला बनाने से पहले भाटी शासकों की राजधानी लोद्रवा (या लुद्रवा) हुआ करती थी, जिसे उन्होंने पवारों (परमारों) से जीता था।
Question 2: महाराजा सूरजमल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें और नीचे दिए गए सही विकल्पों को चुनें।कथन-I : वे बदन सिंह के पुत्र और उत्तराधिकारी थे।कथन-II : उन्होंने भरतपुर में एक किला बनवाया और उसे अपनी राजधानी बनाया।नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए।
- कथन I और II दोनों सही हैं
- केवल कथन II सही है
- कथन I और II दोनों गलत हैं
- केवल कथन I सही है
Explanation: बदनसिंह के पुत्र सूरजमल को ‘जाटों का अफलातून’ और ‘प्लेटो’ कहा जाता है। सूरजमल ने भरतपुर के प्रसिद्ध लोहागढ़ दुर्ग का निर्माण 1733 से 1741 ई. के मध्य करवाया था। सूरजमल ने डीग के जलमहलों का निर्माण पूरा करवाया और भरतपुर को राजधानी बनाया।
Question 3: आबू के परमार वंश के संस्थापक का नाम बताइये।
- धारावर्ष
- दलेल सिंह
- प्रताप सिंह
- धूमराज
Explanation: धूमराज को आबू के परमारो का संस्थापक माना जाता है।
Question 4: भाटी वंश का अंतिम शासक कौन था -
- हरराय भाटी
- लूणकरण
- विजयराज
- जवाहर सिंह
Explanation: जवाहर सिंह भाटी वंश के अंतिम शासक थे, जो जैसलमेर के शासक थे। इनके समय ही प्रसिद्ध क्रान्तिकारी सागरमल गोपा को 4 अप्रैल, 1946 को तेल डालकर जीवित जला दिया गया था।
Question 5: भरतपुर के जाट रियासत के संस्थापक कौन थे -।
- बदन सिंह
- चुरामन
- राजा राम
- सूरजमल
Explanation: 1669 में गोकुल ने मथुरा के आस-पास के जाट किसानों के साथ औरंगजेब के खिलाक विद्रोह कर दिया। औरंगजेब ने इस विद्रोह को दबा दिया। 1670 ई. में गोकुल की हत्या के बाद 1685 ई. में सिनसिनी के जमींदार राजाराम जाट ने विद्रोह का नेतृत्व किया। राजाराम ने 1687 ई. में सिकन्दरा (आगरा के समीप) में स्थित अकबर के मकबरे को लूटा तथा अस्थियों को जला दिया। 1688 ई. में राजाराम की हत्या के बाद उसके भतीजे चूड़ामन ने जाट विद्रोह की कमान संभाली, उसने स्वतंत्र जाट राज्य की स्थापना कर थूण को राजधानी बनाया तथा थूण के किले का निर्माण करवाया।
Question 6: भरतपुर की जाट रियासत की स्थापना किसने की -
- सूरजमल
- चूड़ामन
- राजाराम
- बदन सिंह
Explanation: 18वीं शताब्दी में बदन सिंह और चूड़ामन के नेतृत्व में भरतपुर में जाट शक्ति मजबूत हुई। 1707 के आसपास, चूड़ामन ने थून का किला बनवाया और अपना राज्य स्थापित किया। फरुखसियर ने चूड़ामन को राव बहादुर की उपाधि दी। हालाँकि, मुगलों ने 1721 में जाट चूड़ामन को मार डाला।
Question 7: कॉलम I में राजवंश को कॉलम II में संस्थापक से मिलान कीजिए।कॉलम I (राजवंश)कॉलम II (संस्थापक)1. राठोड़a. वासुदेव2. चौहान b. सिहा3. जाट c. दुलहराय4. कच्छवाहा d. चूड़ामननिम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें:
- 1-d, 2-c, 3-b, 4-a
- 1-b, 2-c, 3-a, 4-d
- 1-a, 2-b, 3-d, 4-c
- 1-b, 2-a, 3-d, 4-c
Explanation: राठोड़: सिहा (मारवाड़ राठोड़ों के संस्थापक)।चौहान: वासुदेव (अजमेर चौहानों के संस्थापक)।जाट: चूड़ामन (भरतपुर जाट वंश के संस्थापक)।कच्छवाहा: दुलहराय (जयपुर कच्छवाहों के संस्थापक)।
Question 8: जैसलमेर के भाटी वंश के शासकों और उनकी नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है -
- रावल अमरसिंह ने अकबर की अधीनता स्वीकार कर वैवाहिक संबंध स्थापित किए।
- रावल अखैसिंह ने अखैशाही मुद्रा चलाई और जैसलमेर में कर प्रणाली को नियमित किया।
- महारावल गजसिंह ने अंग्रेजों के साथ 1818 ई. में संधि की और अफगान युद्ध में उनकी सहायता की।
- जवाहर सिंह ने सागरमल गोपा को समर्थन दिया।
Explanation: रावल हरराय ने 1570 ई. में नागौर दरबार में अकबर की अधीनता स्वीकार कर वैवाहिक सम्बन्ध स्थापित किये।अखैसिंह ने अखैशाही मुद्रा तथा जैसलमेर रियासत में तोलने हेतु नवीन बाँटों का प्रचलन किया था। जैसलमेर रियासत में कर प्रणाली को निश्चित व नियमित करने का श्रेय अखैसिंह को दिया जाता है।मूलराज द्वितीय ने 12 दिसम्बर, 1818 ई. को अंग्रेजों से अधीनस्थ सन्धि की। महारावल गजसिंह ने अफगान युद्ध (1878 ई.) में अंग्रेजों को सहायता दी थी।जवाहर सिंह के समय ही प्रसिद्ध क्रान्तिकारी सागरमल गोपा को 4 अप्रैल, 1946 को तेल डालकर जीवित जला दिया गया था। गोपाल स्वरूप पाठक आयोग ने सागरमल गोपा की हत्या को आत्महत्या करार दिया।
Question 9: जैसलमेर के भाटी वंश के इतिहासस के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है -
- भट्टी ने 285 ई. में भटनेर को अपनी राजधानी बनाया और उसे भाटियों का आदि पुरुष माना जाता है।
- मंगलराव को गजनी के डुण्डी ने पराजित कर भटनेर से निकाला, जिसके बाद उसने तनोट को राजधानी बनाया।
- देवराज ने परमारों को हराकर लोद्रवा पर अधिकार किया और उसे अपनी राजधानी बनाया।
- रावल जैसल ने 1155 ई. में जैसलमेर की स्थापना की, लेकिन स्वर्ण गिरि (सोनार किला) का निर्माण उसके पुत्र मूलराज प्रथम ने पूर्ण किया।
Explanation: रावल जैसल ने 1155 ई. में जैसलमेर बसाकर जैसलमेर को राजधानी बनाया। रावल जैसल ने स्वर्ण गिरि किले का निर्माण शुरू किया, जिसे उसके पुत्र शालिवाहन द्वितीय ने पूर्ण किया, न कि मूलराज प्रथम ने।
Question 10: राजस्थान में यदुवंश की दो रियासतों, जैसलमेर के भाटी और करौली के जादौन वंश के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है -
- भाटी वंश को ‘दक्षिण भड़ किवाड़’ कहा जाता था।
- भाटी वंश ने भटनेर को अपनी प्रथम राजधानी बनाया, जबकि जादौन वंश की प्रथम राजधानी करौली थी।
- भाटी वंश ने श्रीकृष्ण को अपना वंशज माना और ‘छत्राला यादवपति’ की उपाधि धारण की।
- भाटी और जादौन दोनों वंशों ने अंग्रेजों के साथ 1818 ई. में अधीनस्थ संधि की थी।
Explanation: भाटियों को ‘उत्तर भड़ किवाड़’ कहा जाता था। जादौन वंश की प्रथम राजधानी करौली नहीं थी। विजयपाल ने बयाना को राजधानी बनाया।भाटी वंश यदुवंशी होने के कारण श्रीकृष्ण के वंशज माने जाते हैं और ‘छत्राला यादवपति’ कहलाते हैं। दोनों ने अधीनस्थ संधि अलग-अलग समय की थी।जैसलमेर के भाटीयों ने 12 दिसम्बर, 1818 ई. को अंग्रेजों से अधीनस्थ सन्धि की।जादौन शाखा ने 9 नवम्बर, 1817 ई. को अंग्रेजों से सन्धि की। करौली राजस्थान की प्रथम रियासत थी जिसने अंग्रेजों से अधीनस्थ सन्धि की।