यमुना बेसिन की परियोजनाओं एवं जल वितरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:1. रेणुका परियोजना हिमाचल प्रदेश में गिरि नदी पर निर्माणाधीन है तथा राजस्थान को लगभग 46.50 एमसीएम जल मिलेगा। 2. किसाऊ बहुउद्देशीय परियोजना टोन्स नदी पर प्रस्तावित है और राजस्थान को लगभग 123.64 एमसीएम जल प्राप्त होगा। 3. वर्ष 1994 के यमुना जल समझौते के तहत राजस्थान को यमुना जल में 9.338% हिस्सेदारी आवंटित की गई है।सही उत्तर चुनिए:
Subject: Rajasthan Geography
Topic: Irrigation Projects of Rajasthan
Options:
- Option A: केवल 1 और 2
- Option B: केवल 2 और 3
- Option C: केवल 1 और 3
- Option D: 1, 2 और 3
Correct Answer:
Option D: 1, 2 और 3
Explanation:
हिमाचल प्रदेश में गिरि नदी पर निर्माणाधीन रेणुका परियोजना भी यमुना बेसिन की महत्वपूर्ण परियोजना है। इसकी कुल भंडारण क्षमता 498 एमसीएम है। इसमें राजस्थान को लगभग 46.50 एमसीएम जल हिस्सेदारी प्राप्त होगी। राजस्थान सरकार द्वारा परियोजना में अपनी देय वित्तीय हिस्सेदारी लगभग 108 करोड़ रुपए का पूर्ण भुगतान किया जा चुका है।किसाऊ परियोजना टोन्स नदी पर प्रस्तावित है। इसे उत्तराखंड एवं हिमाचल प्रदेश द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित भंडारण क्षमता 1324 एमसीएम है, जिसमें राजस्थान को लगभग 123.64 एमसीएम जल प्राप्त होने का प्रावधान रखा गया है। किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर छह राज्यों के बीच सहमति बनी। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान ने परियोजना के कार्यान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने पर सहमति व्यक्त की है।वर्ष 1994 के यमुना जल समझौते के अंतर्गत राजस्थान को यमुना नदी के जल में 9.338% हिस्सेदारी आवंटित की गई है। इसी समझौते के तहत यमुना बेसिन में जल के अधिकतम उपयोग के उद्देश्य से रेणुका, लखवार एवं किसाऊ जैसी भंडारण परियोजनाओं की परिकल्पना की गई थी। हथिनीकुंड बैराज यमुना जल वितरण व्यवस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां से विभागिन्न राज्यों को समझौते के अनुसार जल आवंटन किया जाता है।