Lokayukta in Rajasthan
Subject: Rajasthan Polity & Administration
Sample Practice Questions
Question 1: राजस्थान लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अधिनियम-1973 लागू हो गया है :
- 3 जनवरी, 1973
- 3 मई, 1973
- 3 जून, 1973
- 3 फरवरी, 1973
Explanation: वर्ष 1973 में राजस्थान लोकायुक्त तथा उप लोकायुक्त अध्यादेश पारित हुआ, जो 3 फरवरी, 1973 से राजस्थान में प्रभावी हुआ। इसे 26 मार्च, 1973 को महामहिम राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हो गई और तब से यह अधिनियम के रूप में प्रदेश में प्रभावी है।
Question 2: राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 में दी गयी परिभाषाओं से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :(A) “मंत्री” से राजस्थान राज्य की मंत्रिपरिषद का कोई सदस्य (मुख्यमंत्री सहित) अभिप्रेत है, जो चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो अर्थात् मंत्री, राज्यमंत्री या उप मंत्री।(B) “अधिकारी” से राजस्थान राज्य के क्रियाकलापों के सम्बन्ध में किसी लोक सेवा में या लोक पद पर नियुक्त व्यक्ति अभिप्रेत है।सही विकल्प का चयन कीजिए :
- केवल (A) सही है।
- केवल (B) सही है।
- (A) और (B) दोनों सही हैं।
- न तो (A), न ही (B) सही है।
Explanation: “मंत्री” से राजस्थान राज्य की मंत्रिपरिषद् का कोई सदस्य (मुख्य मंत्री के अतिरिक्त) अभिप्रेत है, जो चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो, अर्थात् मंत्री, राज्य मंत्री या उप मंत्री।
Question 3: राजस्थान में लोकायुक्त का कार्यकाल है :
- छः वर्ष
- तीन वर्ष
- दो वर्ष
- पाँच वर्ष
Explanation: राजस्थान में लोकायुक्त का कार्यकाल 5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो, है।राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 (अधिनियम सं. 9 सन् 1973) द्वारा राजस्थान के मंत्रियों, सचिवों, राजकीय प्रतिष्ठानों के अध्यक्षों, स्वायत्त शासन संस्थाओं के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, प्रमुखों, प्रधानों एवं अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध भ्रष्टाचार, पद के दुरूपयोग एवं अकर्मण्यता की जांच के लिए स्थापित यह एक उच्चस्तरीय वैधानिक एवं स्वतंत्र संस्थान है।
Question 4: लोकायुक्त राजस्थान के कार्यक्षेत्र से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -(I) लोकायुक्त संस्था द्वारा स्थानीय प्राधिकरण के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के विरुद्ध शिकायतों की जाँच नहीं की जा सकती।(II) इसमें पाँच वर्ष से अधिक पुराने मामले की शिकायत नहीं की जा सकती।(III) सेवानिवृत्त लोक सेवक के विरुद्ध इस संस्थान में शिकायत नहीं की जा सकती।सही विकल्प का चयन कीजिए -
- कथन (I), (II) और (III) सभी सही हैं।
- कथन (II) और (III) सही हैं।
- कथन (I) और (II) सही हैं।
- कथन (I) और (III) सही हैं।
Explanation: लोकायुक्त निम्नलिखित के विरूद्ध शिकायत की जांच करने का अधिकार रखता है -राज्य के सभी मंत्री, राज्य का कोई भी लोक सेवक।जिला प्रमुख तथा उप जिला प्रमुख।पंचायत समितियों के प्रधान तथा उपप्रधान।नगर निगम के महापौर तथा उपमहापौर।स्थानीय प्राधिकरण नगर परिषद तथा नगर पालिका के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष।नगर विकास न्यास (यूआईटी) के अध्यक्ष।लोकायुक्त निम्नलिखित के विरूद्ध शिकायत की जांच नहीं कर सकता है -उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति या न्यायाधीश अथवा संविधान के अनुच्छेद 236 के खण्ड (ख) में यथा परिभाषित न्यायिक सेवा का सदस्य,भारत में किसी भी न्यायालय के अधिकारी अथवा कर्मचारी,मुख्यमंत्री, राजस्थानमहालेखाकार, राजस्थान,राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अथवा सदस्य,मुख्य निर्वाचन आयुक्त, निर्वाचन आयुक्त, प्रादेशिक आयुक्त तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान,राजस्थान विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी,सरपंचों, पंचों व विधायकों के विरूद्ध भी शिकायतें की जाती हैं किन्तु उनके विरूद्ध प्रसंज्ञान नहीं लिया जा सकता है क्योंकि वे अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं,सेवानिवृत्त लोक सेवक ।NOTE : 5 वर्ष से अधिक पुराने मामलों में शिकायत व जांच नहीं की जा सकती है।
Question 5: निम्नलिखित कथनों पर विचार करें -कथन - (I) : राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 को राष्ट्रपति की अनुमति 26-3-1973 को प्राप्त हुई।कथन - (II) : यह 3-2-1973 को प्रवृत्त हुआ।
- कथन - (I) सही है किन्तु कथन - (II) गलत है।
- कथन - (I) गलत है किन्तु कथन - (II) सही है।
- कथन - (I) और (II) दोनों सही हैं।
- कथन - (I) और (II) दोनों गलत हैं।
Explanation: वर्ष 1973 में राजस्थान लोकायुक्त तथा उप लोकायुक्त अध्यादेश पारित हुआ, जो 3 फरवरी, 1973 से राजस्थान में प्रभावी हुआ। इसे 26 मार्च, 1973 को महामहिम राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हो गई और तब से यह अधिनियम के रूप में प्रदेश में प्रभावी है।
Question 6: स्वीडन में “ऑम्बुड्समैन” संस्था की शुरुआत का मुख्य उद्देश्य क्या था -
- लोकतंत्र की स्थापना करना
- न्यायपालिका को सशक्त बनाना
- कानून का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों की जाँच हेतु स्वतंत्र अधिकारी नियुक्त करना
- नागरिकों को प्रत्यक्ष शासन में भागीदारी देना
Explanation: लोकपाल या ऑम्बुड्समैन नामक संस्था ने प्रशासन के प्रहरी बने रहने में अन्तर्राष्ट्रीय सफलता प्राप्त की है। इसका प्रारम्भिक श्रेय स्वीडन को जाता है जहाँ सर्वप्रथम इस संस्था की अवधारणा की कल्पना की गई। वहाँ वर्ष 1713 में किंग चार्ल्स 12 ने कानून का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों को दण्डित करने के लिए अपने एक सभासद को नियुक्त किया।
Question 7: राजस्थान में लोकायुक्त के प्रतिवेदन को विधानसभा में प्रस्तुत कौन करवाते हैं -
- मुख्यमंत्री
- मुख्य सचिव
- राज्यपाल
- लोकायुक्त स्वयं
Explanation: प्राप्त शिकायतों और उनके निराकरण के सम्बन्ध में की गई कार्यवाही से माननीय राज्यपाल को अवगत करवाने के लिये लोकायुक्त प्रतिवर्ष उन्हें एक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हैं। आवश्यक होने पर शिकायतकर्ता को सूचित कर विशेष प्रतिवेदन भी भेजा जाता है। माननीय राज्यपाल लोकायुक्त से प्राप्त विशेष प्रतिवेदन और वार्षिक प्रतिवेदन अपने ज्ञापन सहित राज्य विधानसभा के पटल पर प्रस्तुत करवाते हैं।
Question 8: राजस्थान के पहले और एकमात्र उप-लोकायुक्त कौन थे -
- न्यायमूर्ति आई. डी. दुआ
- न्यायमूर्ति एन. एम. कासलीवाल
- श्री के. पी. यू. मेनन
- न्यायमूर्ति एस. के. माथुर
Explanation: राजस्थान के प्रथम तथा एकमात्र उप लोकायुक्त श्री के पी यू मेनन थे।
Question 9: निम्नलिखित में से किसके विरुद्ध राजस्थान में लोकायुक्त शिकायतों की जांच कर सकता है -
- उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
- महापौर एवं उपमहापौर
- मुख्यमंत्री
- राजस्थान विधानसभा सदस्य
Explanation: लोकायुक्त निम्नलिखित के विरूद्ध शिकायत की जांच करने का अधिकार रखता है-राज्य के सभी मंत्री, राज्य का कोई भी लोक सेवक।जिला प्रमुख तथा उप जिला प्रमुख।पंचायत समितियों के प्रधान तथा उपप्रधान।नगर निगम के महापौर तथा उपमहापौर।स्थानीय प्राधिकरण नगर परिषद तथा नगर पालिका के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष।नगर विकास न्यास (यूआईटी) के अध्यक्ष।
Question 10: राजस्थान लोकायुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में निम्न में से कौन सम्मिलित नहीं होता है -
- मुख्यमंत्री
- राज्यपाल
- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष
- हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश
Explanation: राजस्थान में लोकायुक्त की नियुक्ति मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष एवं हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की सलाह के बाद राज्यपाल द्वारा की जाती है।