लोकायुक्त राजस्थान के कार्यक्षेत्र से सम्बन्धित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -(I) लोकायुक्त संस्था द्वारा स्थानीय प्राधिकरण के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के विरुद्ध शिकायतों की जाँच नहीं की जा सकती।(II) इसमें पाँच वर्ष से अधिक पुराने मामले की शिकायत नहीं की जा सकती।(III) सेवानिवृत्त लोक सेवक के विरुद्ध इस संस्थान में शिकायत नहीं की जा सकती।सही विकल्प का चयन कीजिए -
Subject: Rajasthan Polity & Administration
Topic: Lokayukta in Rajasthan
Options:
- Option A: कथन (I), (II) और (III) सभी सही हैं।
- Option B: कथन (II) और (III) सही हैं।
- Option C: कथन (I) और (II) सही हैं।
- Option D: कथन (I) और (III) सही हैं।
Correct Answer:
Option B: कथन (II) और (III) सही हैं।
Explanation:
लोकायुक्त निम्नलिखित के विरूद्ध शिकायत की जांच करने का अधिकार रखता है -राज्य के सभी मंत्री, राज्य का कोई भी लोक सेवक।जिला प्रमुख तथा उप जिला प्रमुख।पंचायत समितियों के प्रधान तथा उपप्रधान।नगर निगम के महापौर तथा उपमहापौर।स्थानीय प्राधिकरण नगर परिषद तथा नगर पालिका के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष।नगर विकास न्यास (यूआईटी) के अध्यक्ष।लोकायुक्त निम्नलिखित के विरूद्ध शिकायत की जांच नहीं कर सकता है -उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति या न्यायाधीश अथवा संविधान के अनुच्छेद 236 के खण्ड (ख) में यथा परिभाषित न्यायिक सेवा का सदस्य,भारत में किसी भी न्यायालय के अधिकारी अथवा कर्मचारी,मुख्यमंत्री, राजस्थानमहालेखाकार, राजस्थान,राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अथवा सदस्य,मुख्य निर्वाचन आयुक्त, निर्वाचन आयुक्त, प्रादेशिक आयुक्त तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान,राजस्थान विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी,सरपंचों, पंचों व विधायकों के विरूद्ध भी शिकायतें की जाती हैं किन्तु उनके विरूद्ध प्रसंज्ञान नहीं लिया जा सकता है क्योंकि वे अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं,सेवानिवृत्त लोक सेवक ।NOTE : 5 वर्ष से अधिक पुराने मामलों में शिकायत व जांच नहीं की जा सकती है।