District Administration
Subject: Rajasthan Polity & Administration
Sample Practice Questions
Question 1: राजस्थान में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की नियुक्ति ____ स्तर पर की जाती है।
- राज्य
- खंड
- जिला
- राजस्व गाँव
Explanation: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख होता है।
Question 2: भारत में जिले के आपराधिक प्रशासन का प्रमुख कौन होता है -
- विशेष मुंसिफ मजिस्ट्रेट
- विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट
- जिला मजिस्ट्रेट
- सब डिविजनल मजिस्ट्रेट
Explanation: जिला मजिस्ट्रेट (जिला कलेक्टर) जिले के आपराधिक प्रशासन का प्रमुख होता है, जो कानून-व्यवस्था और आपराधिक मामलों के लिए जिम्मेदार होता है।
Question 3: निम्नलिखित में से कौन जिला प्रशासन का मुख्य प्रभारी अधिकारी है -
- जिला कलेक्टर
- एस.डी.ओ. (अनुमंडल अधिकारी)
- तहसीलदार
- संभाग आयुक्त
Explanation: जिला कलेक्टर (जिला मजिस्ट्रेट) जिले का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो जिले के समग्र प्रशासन, राजस्व, और कानून-व्यवस्था के लिए जिम्मेदार होता है।
Question 4: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डी डी एम ए) का नेतृत्व कौन करता है -
- खंड विकास अधिकारी
- राज्य के मुख्य सचिव
- एम एल ए
- जिला अधिकारी
Explanation: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) का नेतृत्व जिला अधिकारी (District Collector या District Magistrate) करता है। आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत, जिला अधिकारी DDMA का अध्यक्ष होता है और जिले में आपदा प्रबंधन की योजना और कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार होता है।
Question 5: निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है - (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
- जिला कलेक्टर के पद का सृजन 1772 में वारेन हेस्टिंग्स द्वारा किया गया।
- संविधान के अनुच्छेद 233 में जिला शब्द का उल्लेख है।
- 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधन द्वारा संविधान के भाग-9 और 9A में जिला शब्द को शामिल किया गया है।
- लार्ड कार्नवालिस ने कलेक्टर को “संस्थागत करिश्मा” कहा।
Explanation: भारत में कलेक्टर पद का सृजन 1772 ई. में तत्कालीन गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स ने किया था। संविधान में जिला शब्द का अनुच्छेद-233 को छोड़कर अन्यत्र कहीं नहीं हुआ हैं, अनुच्छेद 233 में जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति के प्रसंग में प्रयोग किया गया है। संविधान के (73वें और 74वें संशोधन) अधिनियम 1992 द्वारा भाग IX और IXA में कई जगह ‘जिला’ शब्द को शामिल किया गया है जो क्रमशः पंचायतों और नगरपालिकाओं के लिए है। जिलाधीश के व्यापक और विशद कार्यों को देखते हुए रजनी कोठारी ने उसे ‘संस्थागत करिश्मा’ की उपमा दी।
Question 6: राजस्थान तहसीलदार सेवा पर नियंत्रण राजस्व मंडल को कब सौंपा गया था -
- 1956 में
- 1965 में
- 1987 में
- 1972 में
Explanation: उपखण्ड स्तर के नीचे के राजस्व प्रशासन हेतु राज्य में प्रत्येक उपखण्ड को तहसीलों में बाँटा गया है। तहसीलों का प्रमुख अधिकारी तहसीलदार होता है। तहसीलदार की नियुक्ति राजस्व मंडल द्वारा की जाती है। ये राजस्थान तहसीलदार सेवा के सदस्य होते हैं। अधीनस्थ सेवा के अधिकारी होते हुए भी तहसीलदार एक राजपत्रित अधिकारी होता है। राजस्थान तहसीलदार सेवा पर नियंत्रण 1956 में राजस्व मंडल को सौंपा गया था।
Question 7: निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य पटवारी के दायित्वों में शामिल नहीं है -
- भू-राजस्व संग्रहण और तहसील मुख्यालय में जमा कराना
- गाँव में जन्म-मृत्यु के आँकड़ों का हिसाब रखना
- उपखण्ड स्तर पर प्रशासनिक समन्वय स्थापित करना
- भूमि सुधार जैसे चकबन्दी और हदबन्दी में सहयोग करना
Explanation: राजस्थान के समस्त जिलों को उपखंडों में विभागाजित किया गया है। प्रत्येक उपखंड एक उपखंड अधिकारी (SDO- Sub Dividional Officer) के अधीन होता है। यह राज्य प्रशासनिक सेवा का अधिकारी होता है।ग्राम में पटवारी को सरकार के रूप में जाना जाता है। वह शासन को देय राजस्व की राशि को प्राप्त कर उसे कोषागार में जमा कराता है। वह गाँव में जन्म-मृत्यु का लेखा-जोखा एक रजिस्टर में रखता है। वह गाँव की समस्त सरकारी संपत्ति का संरक्षक होता है। पटवारी का चयन राजस्व मंडल के द्वारा किया जाता है।
Question 8: पटवारी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है -
- पटवारी का पद ब्रिटिश काल में प्रचलन में आया था।
- पटवारी राजस्व प्रशासन की सबसे उच्च इकाई होता है।
- पटवारी गाँव में जन्म-मृत्यु का लेखा-जोखा रखता है और सरकारी संपत्ति का संरक्षक होता है।
- पटवारी की नियुक्ति जिला कलेक्टर द्वारा की जाती है।
Explanation: पटवारी का पद मुगल काल में प्रचलन में आया था। पटवारी का पद राजस्व प्रशासन में सबसे महत्वपूर्ण और निम्नतम पद होता है। ग्राम में पटवारी को सरकार के रूप में जाना जाता है। वह शासन को देय राजस्व की राशि को प्राप्त कर उसे कोषागार में जमा कराता है। वह गाँव में जन्म-मृत्यु का लेखा-जोखा एक रजिस्टर में रखता है। वह गाँव की समस्त सरकारी संपत्ति का संरक्षक होता है। पटवारी का चयन राजस्व मंडल के द्वारा किया जाता है।
Question 9: तहसीलदार के निम्नलिखित में से कौन-सा कार्य न्यायिक कार्य के अंतर्गत नहीं आता है -
- काश्तकारी और सीमा विवादों का निपटारा
- सरकारी भूमि पर अतिक्रमण से संबंधित मामलों की सुनवाई
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सस्ते मूल्य की दुकानों का नियंत्रण
- भू-सम्पत्ति के विभागाजन से संबंधित विवादों का समाधान
Explanation: तहसीलदार के न्यायिक कार्यों में काश्तकारी, सीमा विवाद, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, और भू-सम्पत्ति के विभागाजन जैसे मामलों की सुनवाई शामिल है, क्योंकि ये सभी राजस्व और भूमि से संबंधित विवाद हैं।सार्वजनिक वितरण प्रणाली का नियंत्रण एक प्रशासनिक कार्य है, न कि न्यायिक, क्योंकि इसमें कोई विवाद निपटारा शामिल नहीं है।
Question 10: तहसीलदार की नियुक्ति कौन करता है -
- जिला कलेक्टर
- राजस्व मंडल
- उपखण्ड अधिकारी
- राज्य सरकार
Explanation: तहसीलदार की नियुक्ति राजस्व मंडल द्वारा की जाती है, और वे राजस्थान तहसीलदार सेवा के सदस्य होते हैं।