Customs and Traditions in Rajasthan
Subject: Rajasthan Art & culture
Sample Practice Questions
Question 1: अलवर में ‘बनवारा’ की रस्म या रिवाज क्या है?
- वर को संबंधियों/महिलाओं द्वारा उबटन व स्नानोपरांत भोजन करवाना
- चाक पूजन
- जनेऊ संस्कार
- सिर पर “सेहरा” बांधा जाना
Explanation: अलवर और आसपास के मेवात/ढूंढाहड़ क्षेत्रों में विवाह से पूर्व ‘बनवारा’ या ‘बान’ की रस्म होती है। इसमें वर (या वधू) को सगे-संबंधियों और महिलाओं द्वारा पीठ/उबटन (हल्दी-तेल) लगाया जाता है, स्नान कराया जाता है और फिर आदरपूर्वक भोजन कराया जाता है।
Question 2: अगरणी संस्कार सम्बन्धित है -
- गर्भ काल में शिशु सुरक्षा
- प्रथम बार शिशु को चावल की खीर खिलाना
- शिशु के मुँह में शहद और घी डालना
- शिशु के नाम का चुनाव
Explanation: हिंदू संस्कृति में 16 संस्कारों में अगरणी (सीमन्तोन्नयन) गर्भावस्था के सातवें या नौवें महीने में होता है, जो गर्भ में शिशु की सुरक्षा और मां की देखभाल से जुड़ा है।
Question 3: ‘पाग-दस्तूर’ किसे कहा जाता है -
- इस रिवाज में पगड़ी बदलकर रिश्ता बनाया जाता है।
- इस रिवाज के अनुसार स्त्रियाँ मृत पति की पगड़ी के साथ सती हो जाती थीं।
- यह विवाह के अवसर पर दूल्हे के सिर पर पगड़ी पहनाने का दस्तूर था।
- यह परिवार में मुखिया की मृत्यु के बाद निश्चित दिन पर होने वाला दस्तूर था।
Explanation: ‘पाग-दस्तूर’ राजस्थान की पारंपरिक रस्म है, जिसमें परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद एक निश्चित दिन (जैसे 12वें या 13वें दिन) पर उत्तराधिकारी को पगड़ी पहनाकर उत्तराधिकार सौंपा जाता है।
Question 4: पुत्र जन्म के दसवें दिन किस रिवाज को मनाया जाता है -
- दसोटण
- जामणा
- जडूला
- ढूँढ
Explanation: दसोटण जोधपुर राजघराने (मारवाड़) में पुत्र जन्म के बाद 10वें दिन अशौच शुद्धि के अवसर पर किया जाने वाला विशेष समारोह/रिवाज है।
Question 5: राजस्थान में लागू बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत विवाह के लिए न्यूनतम विधिवत आयु कितनी होनी चाहिए -नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :
- लड़कियों की आयु 18 वर्ष और लड़कों की आयु 21 वर्ष
- लड़कियों की आयु 16 वर्ष और लड़कों की आयु 18 वर्ष
- लड़कियों एवं लड़कों दोनों के लिए 18 वर्ष
- लड़कियों एवं लड़कों दोनों के लिए 21 वर्ष
Explanation: राजस्थान ने केन्द्र के Prohibition of Child Marriage Act, 2006 को ही लागू किया है। इसमें लड़की के लिए 18 वर्ष और लड़के के लिए 21 वर्ष न्यूनतम आयु निर्धारित है।
Question 6: निम्नलिखित में से किस वर्ष में अंग्रेजों ने “सती प्रथा” को समाप्त करने के लिए कानून स्थापित किया -
- 1820
- 1875
- 1829
- 1833
Explanation: दिसंबर 1829 में, ब्रिटिश शासित भारत के प्रथम गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिक ने सती प्रथा पर प्रतिबंध लगा दिया, जो कि विधवा द्वारा अपने पति की चिता पर आत्मदाह करने की प्राचीन हिंदू प्रथा थी।
Question 7: निम्न में से कौन सी रस्म मृत्यु के दुख से सम्बन्धित नहीं है -
- ढुकाव
- बखेर
- आघेटा
- सातरवाड़ा
Explanation: ढुकाव एक विवाह से संबंधित रस्म है, जो राजस्थान में विवाह समारोह के दौरान की जाती है। बखेर, आघेटा और सातरवाड़ा मृत्यु से संबंधित रस्में हैं, जो शोक और अंतिम संस्कार से जुड़ी हैं।
Question 8: सती प्रथा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- गर्भवती महिला अपने पति के साथ सहमरण करती थी।
- भारत में सती प्रथा का अंतिम प्रमाण एरण अभिलेख (510 ई.) में मिलता है।
- राजस्थान में सती प्रथा को सबसे पहले बूँदी रियासत में 1822 ई. में बंद किया गया।
- देवराला कांड के बाद सती निवारण अध्यादेश 1978 में लागू हुआ।
Explanation: गर्भवती महिला सहमरण नहीं करती थी, बल्कि बच्चे को जन्म देने के बाद अनुमरण करती थी। भारत में सती का अंतिम प्रमाण देवराला कांड (1987) में मिलता है, न कि एरण अभिलेख में। सती प्रथा का अन्तिम प्रमाण देवराला कांड (सीकर) है जिसमें सितम्बर 1987 में माल सिंह की मृत्यु पर उसकी पत्नी रूपकंवर को सती कर दिया गया था। इसके बाद 1987 में राज्य सरकार ने सती निवारण अध्यादेश जारी किया। जो 3 जनवरी, 1988 से लागू हुआ। राजस्थान में इस प्रथा को सर्वप्रथम बंद 1822 ई. में बूँदी रियासत के विष्णुसिंह ने किया।
Question 9: बेटी का पहला प्रसव होने पर उसके पीहर वालों द्वारा जंवाई व उसके साथियों को भेंट देना कहलाता है-
- दशोठन
- कोथला
- जलवा
- पहरावणी
Explanation: कोथला (छुछक) : बेटी का पहला प्रसव होने पर उसके पीहर वालों द्वारा जंवाई व उसके साथियों को भेंट देना
Question 10: निम्नलिखिंत में से किस ब्रिटिश अधिकारी ने बूंदी के शासक राव राजा बिशन सिंह पर दबाव डालकर सती प्रथा के विरुद्ध वातावरण तैयार करने में सफलता प्राप्त की -
- रॉबिन्सन
- सी.ई. बर्टन
- जेम्स टॉड
- जॉन लुड़लो
Explanation: राजस्थान में सर्वप्रथम बूंदी नरेश राव राजा बिशन सिंह ने सती प्रथा को गैर कानूनी घोषित किया था। जेम्स टॉड ने बूंदी के शासक पर सती प्रथा के खिलाफ कदम उठाने के लिए प्रभाव डाला।