कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) एवं आपातकालीन उपाय
Subject: Public Health & Wellness (जन स्वास्थ्य)
CAB क्रम (Compressions, Airway, Breathing), 30:2 अनुपात, हैंड्स-ओनली CPR, हेमलिख प्रविधि (Choking/दम घुटना) व रिकवरी पोजीशन।
Sample Practice Questions
Question 1: वयस्कों में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) करते समय अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) दिशानिर्देशानुसार प्राथमिक क्रम (Sequence) कौन-सा होना चाहिए?
- C - A - B (छाती संपीड़न - वायुमार्ग - कृत्रिम श्वास)
- A - B - C (वायुमार्ग - कृत्रिम श्वास - छाती संपीड़न)
- B - C - A (कृत्रिम श्वास - छाती संपीड़न - वायुमार्ग)
- A - C - B (वायुमार्ग - छाती संपीड़न - कृत्रिम श्वास)
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: AHA और अंतर्राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार CPR का मानक क्रम 'C-A-B' है: C = Chest Compressions (छाती संपीड़न), A = Airway (वायुमार्ग खोलना), B = Breathing (कृत्रिम श्वसन देना)। पहले Compressions शुरू करने से मस्तिष्क और हृदय में रक्त प्रवाह तत्काल बहाल होता है।
Question 2: किसी आपातकालीन स्थिति में बेहोश व्यक्ति के वायुमार्ग को खोलने के लिए कौन-सा मैन्युवर सर्वाधिक सुरक्षित माना जाता है?
- हेड-टिल्ट चिन-लिफ्ट मैन्युवर (Head-Tilt, Chin-Lift Maneuver)
- गर्दन को एक तरफ मोड़ना
- सिर को नीचे दबाना
- रोगी को पेट के बल उल्टा करना
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: जब तक रीढ़ की हड्डी में चोट का संदेह न हो, वायुमार्ग खोलने का मानक तरीका 'हेड-टिल्ट, चिन-लिफ्ट' है (माथे पर हाथ रखकर सिर को पीछे झुकाना और ठुड्डी को ऊपर उठाना)। इससे जीभ श्वास नली से हट जाती है।
Question 3: सार्वजनिक स्थलों पर हृदय गति रुकने (Cardiac Arrest) की स्थिति में प्रयुक्त 'AED' का पूर्ण रूप (Full Form) क्या है?
- Automated External Defibrillator (स्वचालित बाह्य डिफिब्रिलेटर)
- Advanced Emergency Device (उन्नत आपातकालीन यंत्र)
- Artificial Electronic Detector (कृत्रिम इलेक्ट्रॉनिक संसूचक)
- Automated Emergency Dosage (स्वचालित आपात खुराक)
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: AED का पूर्ण रूप 'Automated External Defibrillator' (स्वचालित बाह्य डिफिब्रिलेटर) है। यह एक पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो कार्डियक अरेस्ट के दौरान हृदय ताल की जांच करता है और वेंट्रिकुलर फाइब्रिलेशन जैसी घातक अतालता में बिजली का झटका (Shock) देकर सामान्य ताल बहाल करता है।
Question 4: पानी में डूबने (Drowning) से बचाए गए अचेत व्यक्ति के प्राथमिक उपचार में सर्वप्रथम क्या करना चाहिए?
- वायुमार्ग (Airway) की जांच करना तथा सांस न चलने पर तुरंत CPR शुरू करना
- पेट पर बार-बार कूदकर पानी निकालना
- उसे तुरंत उल्टा लटकाकर हिलाना
- गर्म चाय या कॉफी पिलाना
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: डूबने की स्थिति में हाइपोक्सिया (ऑक्सीजन की कमी) मुख्य खतरा होता है। पेट से पानी निकालने के अनावश्यक प्रयास नहीं करने चाहिए, बल्कि तुरंत मुंह साफ कर वायुमार्ग खोलना चाहिए और सांस न चलने पर तत्काल 5 रेस्क्यू ब्रीथ्स देकर मानक CPR (30:2) शुरू करना चाहिए।
Question 5: बेहोश व्यक्ति को जिसके श्वास और नाड़ी चल रहे हों, श्वास नली को साफ रखने हेतु किस स्थिति में लिटाया जाता है?
- रिकवरी पोजीशन (Recovery Position / करवट की स्थिति)
- पेट के बल सीधा (Prone Position)
- पैर ऊपर और सिर नीचे की स्थिति
- बैठने की झुकी हुई स्थिति
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: यदि बेहोश व्यक्ति सामान्य रूप से सांस ले रहा है, तो उसे 'रिकवरी पोजीशन' (Recovery Position - करवट की स्थिति) में लिटाया जाता है जिससे उसकी जीभ पीछे गिरकर वायुमार्ग को अवरुद्ध न करे और उल्टी आने पर तरल पदार्थ श्वास नली में न जाए।
Question 6: एकल बचावकर्ता (Single Rescuer) द्वारा वयस्क व्यक्ति को CPR देते समय छाती संपीड़न (Chest Compressions) और कृत्रिम श्वास (Rescue Breaths) का मानक अनुपात क्या होता है?
- 30 : 2 (30 संपीड़न और 2 श्वास)
- 15 : 2 (15 संपीड़न और 2 श्वास)
- 10 : 1 (10 संपीड़न और 1 श्वास)
- 50 : 5 (50 संपीड़न और 5 श्वास)
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: वयस्क में एकल बचावकर्ता द्वारा CPR का मानक अनुपात 30:2 है, अर्थात 30 बार तेज एवं गहरा छाती संपीड़न करने के बाद 2 बार कृत्रिम श्वसन (Rescue Breaths) दिया जाता है।
Question 7: कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) कब रोका जा सकता है? (i) जब पीड़ित में जीवन के लक्षण (सामान्य श्वसन, गति) लौट आएं। (ii) जब योग्य चिकित्सीय दल (डॉक्टर/पैरामेडिक्स) आकर कार्यभार संभाल ले। (iii) जब बचावकर्ता शारीरिक रूप से पूरी तरह थक जाए और जारी रखने में असमर्थ हो। कूट:
- (i), (ii) और (iii) सभी परिस्थितियों में
- केवल (i) और (ii) में
- केवल (i) में
- केवल (ii) और (iii) में
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: CPR तब तक निरंतर जारी रखना चाहिए जब तक: 1. पीड़ित में चेतना या सामान्य सांस न लौट आए, 2. AED या पेशेवर चिकित्सा दल न पहुंच जाए, 3. वातावरण असुरक्षित न हो जाए, या 4. बचावकर्ता अत्यधिक थकान से जारी रखने में असमर्थ न हो जाए।
Question 8: यदि कोई बचावकर्ता कृत्रिम श्वास देने में प्रशिक्षित नहीं है या हिचकिचाता है, तो उसे कौन-सा CPR देना चाहिए?
- हैंड्स-ओनली CPR (Hands-Only CPR / केवल छाती संपीड़न)
- केवल मुंह से सांस देना
- रोगी के ठीक होने तक कोई सहायता न करना
- केवल पेट पर दबाव देना
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: अ-प्रशिक्षित या अकेले प्रत्यक्षदर्शी के लिए 'Hands-Only CPR' (केवल छाती संपीड़न) की सिफारिश की जाती है, जिसमें बिना रुके छाती के केंद्र में 100-120 प्रति मिनट की दर से लगातार तेज और गहरा संपीड़न किया जाता है।
Question 9: शिशुओं (1 वर्ष से कम आयु के इन्फैंट) में CPR देते समय छाती संपीड़न हेतु किसका उपयोग किया जाता है?
- दो उंगलियों (Two Fingers) या दोनों अंगूठों का
- दोनों हाथों की हथेलियों को गूंथकर पूरा भार
- मुक्के से तीव्र प्रहार
- केवल पैरों से हल्का दबाव
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: 1 वर्ष से कम उम्र के शिशुओं (Infants) में हड्डियां अत्यधिक कोमल होती हैं, इसलिए CPR में दो उंगलियों (तर्जनी व मध्यमा) अथवा दो अंगूठों (Two-Thumb encircling technique) से छाती के केंद्र में लगभग 1.5 इंच (4 सेमी) गहराई तक संपीड़न किया जाता है।
Question 10: वयस्कों में गुणवत्तापूर्ण CPR देते समय छाती संपीड़न की अनुशंसित दर (Rate) प्रति मिनट कितनी होनी चाहिए?
- 100 से 120 संपीड़न प्रति मिनट
- 50 से 60 संपीड़न प्रति मिनट
- 150 से 180 संपीड़न प्रति मिनट
- 70 से 80 संपीड़न प्रति मिनट
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: उच्च गुणवत्ता वाले CPR के लिए छाती संपीड़न की गति 100 से 120 संपीड़न प्रति मिनट (Compressions per minute) होनी चाहिए तथा संपीड़न की गहराई लगभग 2 से 2.4 इंच (5 से 6 सेमी) होनी चाहिए।