कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) कब रोका जा सकता है? (i) जब पीड़ित में जीवन के लक्षण (सामान्य श्वसन, गति) लौट आएं। (ii) जब योग्य चिकित्सीय दल (डॉक्टर/पैरामेडिक्स) आकर कार्यभार संभाल ले। (iii) जब बचावकर्ता शारीरिक रूप से पूरी तरह थक जाए और जारी रखने में असमर्थ हो। कूट:
Subject: Public Health & Wellness (जन स्वास्थ्य)
Topic: कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) एवं आपातकालीन उपाय
Options:
- Option A: (i), (ii) और (iii) सभी परिस्थितियों में
- Option B: केवल (i) और (ii) में
- Option C: केवल (i) में
- Option D: केवल (ii) और (iii) में
- Option E: अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Correct Answer:
Option A: (i), (ii) और (iii) सभी परिस्थितियों में
Explanation:
CPR तब तक निरंतर जारी रखना चाहिए जब तक: 1. पीड़ित में चेतना या सामान्य सांस न लौट आए, 2. AED या पेशेवर चिकित्सा दल न पहुंच जाए, 3. वातावरण असुरक्षित न हो जाए, या 4. बचावकर्ता अत्यधिक थकान से जारी रखने में असमर्थ न हो जाए।