राजस्थान के कौनसे शहर ‘कोफ्तगिरी’ कला से सम्बन्धित हैं?
Subject: Rajasthan Art & culture
Topic: Handicrafts and Folk Arts of Rajasthan
Options:
- Option A: गंगानगर और बाड़मेर
- Option B: प्रतापगढ़ और बाँसवाड़ा
- Option C: कोटा और बीकानेर
- Option D: अलवर और उदयपुर
Correct Answer:
Option D: अलवर और उदयपुर
Explanation:
फौलाद अथवा लोहे पर सोने की सूक्ष्म कसीदाकारी कोफ्त गिरी कहलाती है। यह हथियारों को अलंकृत करने की कला है, जो भारत में मुगलों के प्रभाव के कारण उभरी थी। कोफ्त गिरी शिल्प का इस्तेमाल ढ़ाल, तलवारों व खंजर और अन्य उपयोगी सामग्री जैसे डिब्बे, बक्से, भोजन काटने और खाने के कटलरी सामान, शिकार चाकू, छुरी इत्यादि के निर्माण में किया जाता है। इसमें जडाव (इनले) और ओवरले दोनों प्रकार की कला का कार्य होता है। इसके कलाकार को कोफ़्तगर कहा जाता है कोफ्तगिरी जयपुर एवं अलवर में बहतायत से होती है। कोफ्तगिरी की विरासत उदयपुर के सिकलीगर समुदाय से गहराई से जुड़ी हुई है, जो इस उत्कृष्ट कला के पारंपरिक संरक्षक रहे हैं।