राजस्थान रिफाइनरी परियोजना के संबंध में निम्न कथनों पर विचार कीजिए—1. यह परियोजना पचपदरा (बालोतरा) में स्थापित की जा रही है। 2. इसकी संशोधित लागत ₹79,459 करोड़ कर दी गई है। 3. इसमें राजस्थान सरकार की हिस्सेदारी 74% है। 4. यह 9 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाली ग्रीनफील्ड परियोजना है।उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
Subject: Rajasthan Geography
Topic: Minerals in Rajasthan
Options:
- Option A: केवल 1, 2 और 4
- Option B: केवल 2 और 3
- Option C: केवल 1 और 3
- Option D: केवल 1, 2, 3 और 4
Correct Answer:
Option A: केवल 1, 2 और 4
Explanation:
केंद्र सरकार ने राजस्थान के बाड़मेर (बालोतरा) जिले के पचपदरा में बन रही एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) परियोजना की लागत बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट समिति ने इस परियोजना की लागत 43,129 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति दी है। इस परियोजना में Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) अतिरिक्त 8,962 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इसके बाद HPCL का कुल निवेश बढ़कर 19,600 करोड़ रुपये हो जाएगा। यह रिफाइनरी एक बड़ा और आधुनिक प्रोजेक्ट है, जिसमें पेट्रोलियम के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल उत्पाद भी बनाए जाएंगे। इसमें हर साल:1 मिलियन टन पेट्रोल4 मिलियन टन डीजल1 मिलियन टन पॉलीप्रोपाइलीन0.5 मिलियन टन LLDPE0.5 मिलियन टन HDPE0.4 मिलियन टन बेंजीन, टोल्यून और ब्यूटाडीन।जैसे महत्वपूर्ण उत्पाद तैयार होंगे, जो ट्रांसपोर्ट, फार्मा, पेंट और पैकेजिंग उद्योग के लिए जरूरी हैं। सरकार का कहना है कि इस परियोजना से देश की ऊर्जा जरूरतें पूरी होंगी और पेट्रोकेमिकल्स के आयात पर निर्भरता कम होगी, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी। यह प्रोजेक्ट 1 जुलाई 2026 तक चालू होने का लक्ष्य रखा गया है। यह रिफाइनरी 9 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाली ग्रीनफील्ड परियोजना है और इसे HPCL Rajasthan Refinery Limited द्वारा बनाया जा रहा है। इसमें HPCL की 74% और राजस्थान सरकार की 26% हिस्सेदारी है।