Nanotechnology
Subject: General Science
Sample Practice Questions
Question 1: नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन A (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R (Reason R) के रूप में।अभिकथन A: नैनो-पदार्थ क्षेत्रफल-आयतन का उच्च अनुपात प्रदर्शित करते हैं।कारण R: जैसे जैसे पदार्थ का कण-आकार घटाया जाता है, दिये गये पदार्थ के निश्चित आयतन (पदार्थ की कुल मात्रा) का पृष्ठ क्षेत्रफल बढ़ जाता है। पदार्थ द्वारा बने खाली स्थान/सूक्ष्म छिद्र (अंतर-कण) भी बढ़े हुए पृष्ठ क्षेत्रफल में योगदान करते हैं।उपरोक्त कथनों के आलोक में नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए :
- A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सही है लेकिन R सही नहीं है।
- A सही नहीं हैं लेकिन R सही है।
Explanation: अभिकथन A सही है क्योंकि नैनो-पदार्थों में कण आकार छोटा होने से सतह क्षेत्रफल (surface area) आयतन (volume) की तुलना में बहुत अधिक होता है, जो उनकी रासायनिक सक्रियता बढ़ाता है। कारण R सही है और A की व्याख्या करता है क्योंकि छोटे कणों में सतह क्षेत्र बढ़ता है (उदाहरण: एक घन को छोटे टुकड़ों में तोड़ने पर कुल सतह बढ़ती है), और छिद्र (pores) भी योगदान देते हैं, जो कैटेलिसिस या बैटरी जैसे अनुप्रयोगों में महत्वपूर्ण है।
Question 2: नैनोमिशन- II कब शुरू किया गया -
- ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान
- बारहवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान
- पांचवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान
- दसवीं पंचवर्षीय योजना के दौरान
Explanation: नैनो मिशन और प्रौद्योगिकी पहल (एनएसटीआई) के तहत प्रारंभ किये गए प्रोत्साहन गतिविधियों के आधार पर भारत सरकार ने मई, 2017 में नैनो विज्ञान व प्रौद्योगिकी पर मिशन (नैनो मिशन) कार्यक्रम की शुरुआत की। नैनो विज्ञान और प्रौद्योगिकी अत्यधिक आशाजनक और प्रतिस्पर्धी क्षेत्र है। नैनो मिशन की सफलता को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 12वीं योजना अवधि के दौरान नैनो मिशन के द्वितीय चरण को जारी रखने के लिए 650 करोड़ रु. की धनराशि का आवंटन किया।
Question 3: नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन A (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण R (Reason R) के रूप में।अभिकथन A: नैनो-पदार्थों के गुणधर्म, उनके कण-आकार (कुछ सौ नैनोमीटर से कुछ नैनोमीटर तक) के घटने के साथ बहुत तेजी से परिवर्तित होते हैं।कारण R: जब सोने के कणों का आकार कुछ सौ नैनोमीटर से कुछ नैनोमीटर तक के भिन्न-भिन्न आकार तक घटाया जाता है तो सोने के नैनो-कण विभागिन्न रंग प्रदर्शित करते हैं।उपरोक्त कथनों के आलोक में नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन कीजिए:
- A और R दोनों सही हैं और R, A की सही व्याख्या है।
- A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं है।
- A सही है लेकिन R सही नहीं है।
- A सही नहीं है लेकिन R सही है।
Explanation: अभिकथन A सही है क्योंकि नैनो-पदार्थों (नैनोमैटेरियल्स) में आकार घटने पर गुणधर्म जैसे ऑप्टिकल, इलेक्ट्रिकल, मैग्नेटिक और मैकेनिकल बदल जाते हैं, जो क्वांटम प्रभावों के कारण होता है। कारण R भी सही है क्योंकि सोने के नैनो-कण आकार के आधार पर प्लास्मोन रेजोनेंस के कारण लाल, नीला या बैंगनी रंग दिखाते हैं। हालांकि, R केवल एक विशिष्ट उदाहरण (सोने के कणों का रंग परिवर्तन) है, जो A की सामान्य व्याख्या नहीं करता – A सभी नैनो-पदार्थों के गुणधर्मों के बारे में है, न कि केवल रंग के। इसलिए R व्याख्या नहीं है।
Question 4: जैविक इमेजिंग में कौनसा नैनो पदार्थ प्रयुक्त होता है -
- क्वांटम डॉट्स
- फुलरीन
- कार्बन नैनो ट्यूब
- इनमें से कोई नहीं
Explanation: क्वांटम डॉट्स छोटे, अर्धचालक नैनोकण होते हैं, जिनका उपयोग बायोइमेजिंग में होता है। ये उच्च चमक, स्थिरता और विशिष्ट फ्लोरोसेंट गुण रखते हैं, जो जैविक प्रक्रियाओं को देखने के लिए उपयोगी हैं। इसके अन्य विकल्प, जैसे फुलरीन और कार्बन नैनो ट्यूब, जैविक इमेजिंग के लिए आमतौर पर उपयुक्त नहीं माने जाते।
Question 5: यदि किसी पदार्थ की एक विमा को नैनो रेंज तक घटा दिया गया हो जबकि अन्य दो विमाएँ वही बनी रहती हैं, तो प्राप्त संरचना कहलाती है :
- क्वांटम स्टेप
- क्वांटम वैल
- क्वांटम डॉट
- क्वांटम वायर
Explanation: क्वांटम वैल एक नैनोमीटर-पतली परत है जो परत की सतह के लंबवत आयाम में (अर्ध-)कणों (आमतौर पर इलेक्ट्रॉन या छेद) को सीमित कर सकती है, जबकि अन्य आयामों में गति प्रतिबंधित नहीं है। कारावास एक क्वांटम प्रभाव है।
Question 6: नैनो-विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, मोहाली के एक हालिया शोध अध्ययन के अनुसार, ग्रीन टी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट गुणधर्म वाले पॉलीफीनॉल, न्यूरोट्रांसमीटर और अमीनो एसिड को एकीकृत करने वाले नैनोकणों से जुड़ा एक नया तरीका उपचार की क्षमता रखता है :
- अल्जाइमर रोग के
- मिर्गी के
- जलशीर्ष के
- डेंगू के
Explanation: ग्रीन टी के पॉलीफीनॉल को नैनोकणों के साथ जोड़कर अल्जाइमर रोग के न्यूरोट्रांसमीटर संबंधी उपचार में संभावना दिखाई गई।
Question 7: नैनो इलेक्ट्रॉनिक्स उत्कृष्टता केंद्र निम्नलिखित में से किन संस्थानों के बीच एक सहयोगी परियोजना है-1. IIT मुंबई2. IIM अहमदाबाद3. IISC बेंगलुरु
- 1 तथा 2
- 2 तथा 3
- 1 तथा 3
- उपरोक्त सभी
Explanation: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बॉम्बे में नैनोइलेक्ट्रॉनिक्स (CEN) में उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना वर्ष 2006 में की गई थी। CEN IIT बॉम्बे और IISc बेंगलोर के बीच एक सहयोगी परियोजना है। यह भारत सरकार के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MCIT) द्वारा वित्त पोषित है।
Question 8: _____ नैनोमीटर-स्तर की संरचनाओं के पैटर्न के निर्माण से संबंधित है, जिसमें पैटर्न का कम से कम एक आयाम नैनोस्केल में होता है।
- नैनो-लिथोग्राफी
- नैनो-अवसादन
- नैनो-डोपिंग
- नैनो-एनीलिंग
Explanation: लिथोग्राफी का अर्थ सतह पर किसी पैटर्न या आकृति को उकेरना होता है। जब यह प्रक्रिया नैनोमीटर स्केल (1 से 100 नैनोमीटर) पर की जाती है, ताकि कंप्यूटर चिप्स और सेमीकंडक्टर डिवाइसेस की बारीक संरचनाएं बनाई जा सकें, तो इसे नैनो-लिथोग्राफी कहा जाता है।
Question 9: निम्न में से नैनो पदार्थ हैं-
- कार्बन नैनो ट्यूब
- क्वांटम डॉट्स
- ग्राफीन
- उपरोक्त सभी
Explanation: नैनो पदार्थ वे पदार्थ होते हैं जिनका आकार 1 नैनोमीटर से 100 नैनोमीटर के बीच होता है। नैनो पदार्थों को दो मुख्य समूहों में विभागाजित किया जाता है: कार्बनिक और अकार्बनिक। कार्बन नैनोट्यूब, ग्राफीन और क्वांटम डॉट्स सभी कार्बन नैनोमैटेरियल्स हैं।
Question 10: नैनो स्तर पर बने बहुलक हैं -
- क्वांटम डॉट्स
- फुलरीन
- डेंड्रीमर्स
- इनमें से कोई नहीं
Explanation: