सन्धि और सन्धि विच्छेद
Subject: General Hindi (सामान्य हिन्दी)
स्वर सन्धि, व्यंजन सन्धि, विसर्ग सन्धि एवं उनके प्रमुख नियम व अपवाद।
Sample Practice Questions
Question 1: 'अत्युत्तम' शब्द में कौन-सी सन्धि है तथा इसका सही विच्छेद क्या होगा?
- यण स्वर सन्धि; अति + उत्तम
- गुण स्वर सन्धि; अत् + उत्तम
- दीर्घ स्वर सन्धि; अति + उत्तम
- वृद्धि स्वर सन्धि; अते + उत्तम
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: 'अत्युत्तम' का सही सन्धि विच्छेद 'अति + उत्तम' है। यहाँ इ + उ = यु हुआ है, जो कि 'यण स्वर सन्धि' (इ/ई, उ/ऊ, ऋ के बाद असमान स्वर आने पर क्रमशः य्, व्, र् होना) का उदाहरण है।
Question 2: 'सज्जन' शब्द में कौन-सी सन्धि है तथा इसका विच्छेद क्या होगा?
- व्यंजन सन्धि; सत् + जन
- स्वर सन्धि; सज + जन
- विसर्ग सन्धि; सः + जन
- यण सन्धि; सती + जन
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: सत् + जन = सज्जन। त् के बाद ज् आने पर त् भी 'ज्' में बदल जाता है (व्यंजन सन्धि)।
Question 3: 'सूर्योदय' शब्द का सही सन्धि-विच्छेद क्या है?
- सूर्य + उदय (गुण स्वर सन्धि)
- सूर्यो + दय
- सूर्य + दय
- सूर्या + उदय
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: सूर्य + उदय = सूर्योदय। अ + उ = ओ (गुण स्वर सन्धि)।
Question 4: निम्नलिखित में से किस शब्द का सन्धि-विच्छेद सही नहीं है?
- वागीश = वाक् + ईश
- यद्यपि = यदि + अपि
- पवित्र = पो + इत्र
- महर्षि = महा + ऋषि (गलत: महा + ऋषी)
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: विकल्प (c) 'पवित्र' का सही सन्धि-विच्छेद 'पौ + इत्र' न होकर 'पो + इत्र' (अयादि सन्धि: ओ + इ = अवि) होता है, किन्तु यदि प्रश्न में अशुद्ध पूछा गया है: पो + इत्र = पवित्र सही है, जबकि 'वागीश = वाक् + ईश' (व्यंजन सन्धि), 'यद्यपि = यदि + अपि' (यण सन्धि) सही हैं। यदि 'महर्षि = महा + ऋषी' लिखा हो तो वह अशुद्ध होता है। अतः शुद्ध विच्छेद 'महा + ऋषि' है।
Question 5: 'दिगम्बर' शब्द का सही सन्धि-विच्छेद है:
- दिक् + अम्बर
- दिग् + अम्बर
- दिः + अम्बर
- दीग + अम्बर
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: 'दिगम्बर' का सही सन्धि-विच्छेद 'दिक् + अम्बर' (व्यंजन सन्धि) है। वर्ग के प्रथम वर्ण (क्) के बाद कोई स्वर आने पर क् अपने ही वर्ग के तीसरे वर्ण (ग्) में बदल जाता है।
Question 6: 'मनोरथ' शब्द का सही सन्धि-विच्छेद क्या है?
- मनः + रथ (विसर्ग सन्धि)
- मनो + रथ
- मन + रथ
- मनु + रथ
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: मनः + रथ = मनोरथ। विसर्ग से पहले 'अ' और बाद में किसी वर्ग का तीसरा, चौथा, पांचवां वर्ण या य, र, ल, व, ह हो तो विसर्ग 'ओ' में बदल जाता है।
Question 7: 'नयन' और 'गायक' शब्दों में कौन-सी सन्धि है?
- अयादि स्वर सन्धि
- यण स्वर सन्धि
- वृद्धि स्वर सन्धि
- दीर्घ स्वर सन्धि
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: ने + अन = नयन (ए + अ = अय्), गै + अक = गायक (ऐ + अ = आय्)। ए, ऐ, ओ, औ के बाद कोई भिन्न स्वर आने पर क्रमशः अय्, आय्, अव्, आव् होना अयादि सन्धि कहलाता है।
Question 8: 'संसार' शब्द का सही सन्धि-विच्छेद क्या है?
- सम् + सार (व्यंजन सन्धि)
- सं + सार
- सन + सार
- सः + सार
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: म् के बाद अन्तस्थ (य, र, ल, व) या ऊष्म (श, ष, स, ह) वर्ण आने पर म् सदैव अनुस्वार (ं) में बदल जाता है: सम् + सार = संसार।
Question 9: 'स्वागत' का सही सन्धि-विच्छेद है:
- सु + आगत (यण सन्धि)
- स्वा + गत
- स्व + आगत
- सुआ + गत
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: सु + आगत = स्वागत (उ + आ = वा - यण स्वर सन्धि)।
Question 10: 'सदाचार' शब्द का सही सन्धि-विच्छेद क्या होगा?
- सत् + आचार
- सदा + चार
- सद् + आचार
- सतः + आचार
- अनुत्तरित प्रश्न / Question unattempted
Explanation: सत् + आचार = सदाचार (व्यंजन सन्धि)। प्रथम वर्ण 'त्' स्वर के मेल से अपने वर्ग के तीसरे वर्ण 'द्' में बदल जाता है।