Chief Minister
Subject: Rajasthan Polity & Administration
Sample Practice Questions
Question 1: व्यक्तियों के सही समूह को पहचानिए, जो अस्सी के दशक (1980 से 1989) के दौरान दो बार राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे :
- भैरोंसिंह शेखावत एवं शिवचरण माथुर
- हरिदेव जोशी एवं हीरालाल देवपुरा
- शिवचरण माथुर एवं हरिदेव जोशी
- भैरोंसिंह शेखावत एवं हरिदेव जोशी
Explanation: शिवचरण माथुर: पहली बार 1981-1985 और दूसरी बार 1988-1989 तक मुख्यमंत्री रहे।हरिदेव जोशी: पहली बार 11 अगस्त 1973 से 29 सितम्बर 1977 तक सीएम रहे। दूसरी बार 10 मार्च 1985 से 20 जनवरी 1988 तक सीएम पद पर रहे। 4 दिसंबर 1989 से लेकर 4 मार्च 1990 तक हरिदेव जोशी पर फिर सीएम पद आसीन हुए।
Question 2: राजस्थान के निम्नलिखित पूर्व मुख्यमन्त्रियों को उनके कार्यकाल के कालक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए -(I) जय नारायण व्यास (II) जगन्नाथ पहाड़िया(III) हीरा लाल देवपुरा (IV) बरकतुल्लाह खानसही विकल्प चुनिए -
- (1), (III), (II), (IV)
- (IV), (III), (II), (I)
- (I), (II), (III), (IV)
- (I), (IV), (II), (III)
Explanation: जय नारायण व्यास: 1949-1951, 1952-1954 (प्रथम निर्वाचित)।बरकतुल्लाह खान: 1971-1973 (अब तक के एकमात्र मुस्लिम मुख्यमंत्री)।जगन्नाथ पहाड़िया: 1980-1981 (राजस्थान के पहले दलित मुख्यमंत्री)।हीरा लाल देवपुरा : 1985 (अल्पकालिक)।
Question 3: निम्नलिखित में से राजस्थान के कौनसे मुख्यमंत्री, राजस्थान राज्य विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे हैं -
- हरिदेव जोशी
- भैरोंसिंह शेखावत
- हीरालाल देवपुरा
- शिवचरण माथुर
Explanation: हीरालाल देवपुरा राजस्थान के मुख्यमंत्री (1985) रह चुके हैं और वे विधानसभा के अध्यक्ष (1985) भी रहे।
Question 4: राजस्थान के निम्नलिखित मुख्यमंत्रियों में से किस ने प्रथम बार राजस्थान विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया -
- मोहनलाल सुखाड़िया
- बरकतुल्लाह खान
- जयनारायण व्यास
- टीकाराम पालीवाल
Explanation: जयनारायण व्यास ने 1952 में राजस्थान विधानसभा में पहला बजट प्रस्तुत किया। वे राजस्थान के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री थे।
Question 5: निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सुमेलित नहीं है -मुख्यमंत्री - मुख्य सचिव
- शिवचरण माथुर - टी.वी. रमणन
- हरिदेव जोशी - नरेश चन्द्रा
- टीकाराम पालीवाल - एस.डब्ल्यू. शिवेश्वरकर
- जगन्नाथ पहाड़िया - एम.एम.के. वली
Explanation: शिव चरण माथुर एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक नेता, वे 1981 से 1985 तक और फिर 1988 से 1989 तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहे।श्री टी. वी. रमन 31-01-1992 से 30-08-1993 तक मुख्य सचिव रहे।
Question 6: निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :(i) उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।(ii) बाद में वे राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष बने।(iii) उन्होंने राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष का पद भी धारित किया।ये कथन राजस्थान के निम्नलिखित प्रमुख नेताओं में से किसका उल्लेख करते हैं -
- जगन्नाथ पहाड़िया
- हीरालाल देवपुरा
- हरिदेव जोशी
- मोहनलाल सुखाड़िया
Explanation: हीरालाल देवपुरा राजस्थान के मुख्यमंत्री थे (फरवरी 23, 1985 – मार्च 10, 1985)। बाद में वे राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष बने और राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष (1 अप्रैल 2000 – 31 मार्च 2005) भी रहे।
Question 7: अन्तर्राज्यीय परिषद् की स्थायी समिति की 5वीं बैठक में राजस्थान के किस मुख्यमंत्री ने सुझाया था कि राज्यपाल की पुनर्नियुक्ति नहीं होनी चाहिए -
- शिवचरण माथुर
- भैरोंसिंह शेखावत
- जगन्नाथ पहाड़िया
- हरिदेव जोशी
Explanation: अन्तर्राज्यीय परिषद् की पांचवी बैठक में राज्यपाल की पुनर्नियुक्ति न हो भैरोंसिंह शेखावत ने सुझाव दिया था
Question 8: निम्नलिखित में से कौन राजस्थान के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले मुख्यमंत्री रहे हैं (2025 तक) -
- अशोक गहलोत
- भैरोसिंह शेखावत
- हीरालाल शास्त्री
- मोहनलाल सुखाड़िया
Explanation: मोहन लाल सुखाड़िया का जन्म 31 जुलाई 1916 को राजस्थान के झालावाड़ में हुआ था। राजस्थान के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञों में से एक थे सुखाड़िया जिन्हे 'आधुनिक राजस्थान का निर्माता' भी कहा जाता है। सबसे लम्बे समय तक राजस्थान के मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड भी अब तक उनके नाम है। सुखाड़िया के नाम कुल 6038 दिन सीएम पद पर रहने का रिकॉर्ड है। मोहन लाल सुखाडिय़ा के नाम पर उदयपुर विश्वविद्यालय भी है। सन् 1984 में इसका नाम भूतपूर्व मुख्यमंत्री मोहनलाल सुखाडिय़ा के नाम पर किया गया।
Question 9: किसी राज्य का मुख्यमंत्री निम्नलिखित में से किसका सदस्य होता है -
- अंतर-राज्यीय परिषद
- लोक लेखा समिति
- राज्य चयन बोर्ड
- भारत निर्वाचन आयोग
Explanation: अंतर-राज्य परिषद (Inter-State Council) के सदस्य होते हैं – प्रधानमंत्री (अध्यक्ष), सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासक आदि। केंद्र सरकार ने केंद्र और राज्यों के बीच वर्तमान व्यवस्थाओं के कार्यकरण की समीक्षा करने के लिये न्यायमूर्ति आर.एस. सरकारिया की अध्यक्षता में वर्ष 1988 में एक आयोग गठित किया था। सरकारिया आयोग ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 263 के अनुसार परिभाषित अधिदेश के अनुसरण में परामर्श करने के लिये एक स्वतंत्र राष्ट्रीय फोरम के रूप में अंतर्राज्यीय परिषद स्थापित किये जाने की महत्त्वपूर्ण सिफारिश की थी।
Question 10: निम्नलिखित में से किसने, राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार शपथ ली थी -
- टीका राम पालीवाल
- भैरों सिंह शेखावत
- जगन्नाथ पहाड़िया
- हीरालाल शास्त्री
Explanation: भैरोंसिंह शेखावत ने 1977 से 1980, 1990 से 1992 और 1993 से 1998 तक तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया।