Animal Husbandry In Rajasthan
Subject: Rajasthan Geography
Sample Practice Questions
Question 1: राजस्थान में निम्नलिखित में से कौनसी भैंस की एक नस्ल नहीं है?
- मुर्राह
- नाली
- जाफराबादी
- महसाना
Explanation: ‘नाली’ भैंस की नहीं, बल्कि भेड़ (Sheep) की एक प्रसिद्ध नस्ल है, जो मुख्य रूप से हनुमानगढ़, गंगानगर और झुंझुनू जिलों में घग्घर नदी के बहाव क्षेत्र (जिसे स्थानीय भाषा में ‘नाली’ कहते हैं) में पाई जाती है। मुर्राह, जाफराबादी और महसाना भैंस की उत्कृष्ट नस्लें हैं।
Question 2: राजस्थान पशुगणना 2019 के अनुसार, भैंसों की नस्ल का सर्वाधिक संख्या के आधार पर सही अवरोही क्रम है-
- मुर्राह - सुरती - महसाना
- जाफराबादी - मुर्राह - भदावरी
- मुर्राह - जाफराबादी - महसाना
- सुरती - मुर्राह - जाफराबादी
Explanation: 20वीं पशुगणना (2019) के नस्लवार आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान में सर्वाधिक संख्या में पाई जाने वाली भैंस की नस्ल मुर्राह (जिसे स्थानीय भाषा में ‘खुंडी’ भी कहते हैं) है। इसके बाद क्रमशः सुरती और महसाना नस्लों की संख्या राज्य में सबसे अधिक दर्ज की गई है।
Question 3: निम्नलिखित में से कौनसा (पशुधन नस्ल - उपनाम) सुमेलित नहीं है -
- गिर - रेण्डा
- थारपारकर - मालाणी
- चोकला - सोनाडी
- मगरा - चकरी
Explanation: चोकला-सोनाडी असुमेलित है क्योंकि दोनों अलग भेड़ नस्लें हैं।चोकला या शेखावाटी भेंड़ को भारत की मेरिनो भी कहा जाता है। इस नस्ल को कालीन ऊन प्राप्ति के लिए पाला जाता है। प्रमुख क्षेत्र – चुरू, सीकर, झुन्झुनू।सोनाड़ी (चनोथर) भेड़ की लम्बे कान वाली नस्ल है। जब यह भेड़ जमीन पर घास चरती है तो इसके कान जमीन को स्पर्श करते है। प्रमुख क्षेत्र – राजस्थान में बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, दूंगरपुर, उदयपुर जिलों में पाई जाती है।
Question 4: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -(A) इस गौवंश का लाल भूरा रंग होता है।(B) गौवंश की इस नस्ल के छोटे और ठूंठदार सींग होते हैं।(C) इस गौवंश के गृह निवास गंगानगर और हनुमानगढ़ जिले हैं।उपरोक्त कथनों के आधार पर दिए गए विकल्पों में से गौवंश की नस्ल पहचानिए -
- नारी
- थारपारकर
- साहीवाल
- कांकरेज
Explanation: साहीवाल गाय का नाम पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मोंटेगमोरी जिले में स्थित साहीवाल नामक स्थान से लिया गया है। लेकिन राजस्थान में इसका गृह निवास/मुख्य क्षेत्र गंगानगर और हनुमानगढ़ जिले हैं। इस गौवंश का रंग लाल-भूरा या कभी-कभी हल्का चॉकलेटी होता है। इसके सींग बहुत छोटे, मोटे और ठूंठदार (Stumpy) होते हैं।
Question 5: निम्नलिखित में से कौन-सी भैंस की नस्ल नहीं है -निम्नलिखित विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनें:
- मुर्रा
- मेहसाणा
- बीटल
- टोडा
Explanation: मुर्रा, मेहसाणा, और टोडा: भारत में भैंस की प्रसिद्ध नस्लें हैं। मुर्रा दूध उत्पादन के लिए जानी जाती है, मेहसाणा गुजरात से है, और टोडा तमिलनाडु में पाई जाती है।
Question 6: 2019 के पशुधन गणना के अनुसार, निम्नलिखित में से किस जिला समूह में भैंसों की संख्या सर्वाधिक थी -
- अलवर, अजमेर, भीलवाड़ा
- जयपुर, दौसा, करौली
- भरतपुर, टोंक, नागौर
- जयपुर, अलवर, भरतपुर
Explanation: 2019 की पशुधन गणना के अनुसार, जयपुर, अलवर, और भरतपुर जिले राजस्थान में भैंसों की संख्या के मामले में अग्रणी हैं, क्योंकि ये क्षेत्र डेयरी उद्योग के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Question 7: केरुपाल तथा कच्छी नस्लें हैं-
- घोड़े की
- बकरी की
- ऊँट की
- भैंस की
Explanation: केरुपाल, कच्छी, मारवाड़ी, जालोरी, जैसलमेरी, बीकानेरी और मेवाड़ी ये सभी राजस्थान व भारत में पाई जाने वाली ऊँट (Camel) की प्रमुख नस्लें हैं।
Question 8: राजस्थान में ‘डेयरी उद्योग’ ___ प्रारंभ हुआ।
- 1973 में
- 1972 में
- 1970 में
- 1971 में
Explanation: राजस्थान में डेयरी उद्योग का औपचारिक विकास 1971 में शुरू हुआ। 1975 में राजस्थान में डेयरी विकास कार्यक्रम आरम्भ किया गया राजस्थान की सर्वाधिक प्राचीन डेयरी अजमेर की पद्मा डेयरी है।
Question 9: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -(A) राजस्थान में डेयरी उद्योग का प्रारंभ 1981 में हुआ।(B) राजस्थान में डेयरी व्यवसाय का संचालन एवं उन्नयन करने हेतु राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (RCDF) की स्थापना की गई।(C) RCDF राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के निर्देशन में स्थापित की गयी।कूट -
- (B) और (C) सही हैं।
- (A), (B) और (C) सही हैं।
- (A) और (C) सही हैं।
- (A) और (B) सही हैं।
Explanation: 1975 में पंजीकृत राजस्थान राज्य डेयरी विकास निगम (RSDDC) के तत्वावधान में राज्य सरकार द्वारा सत्तर के दशक में डेयरी विकास शुरू किया गया था। दो वर्ष बाद, राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) ने RSDDC के कई कार्यों की जिम्मेदारी संभाली थी। राज्य में डेयरी व्यवसाय के शीर्ष निकाय के रूप में राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन (RCDF) की स्थापना वर्ष 1977 में की गई थी, जो दुग्ध उत्पादन और विपणन का कार्य देखती है। RCDF की स्थापना ‘आनंद’ (Amul) पैटर्न पर राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के सहयोग और निर्देशन में 'ऑपरेशन फ्लड' के तहत की गई थी।
Question 10: पशुधन गणना रिपोर्ट 2019 के अनुसार राजस्थान का कौन-सा स्थान है -
- पहला
- दूसरा
- तीसरा
- चौथा
Explanation: राजस्थान 56.8 मिलियन पशुओं के साथ भारत में दूसरे स्थान पर है। पहला स्थान उत्तर प्रदेश का है।