राजस्थान के लोक नृत्यों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें :a. गैर नृत्य मेवाड़ और बाड़मेर क्षेत्र में प्रसिद्ध है।b. गिंदड़ नृत्य शेखावटी क्षेत्र में प्रसिद्ध है।c. चंग नृत्य महिलाओं द्वारा होली के त्यौहार के दौरान किया जाता है।d. घुड़ला जोधपुर का प्रसिद्ध नृत्य है।
Subject: Rajasthan Art & culture
Topic: Folk Dances of Rajasthan
Options:
- Option A: केवल b, c, d
- Option B: केवल a, c, d
- Option C: केवल a, b, c
- Option D: केवल a, b, d
Correct Answer:
Option D: केवल a, b, d
Explanation:
गैर नृत्य मेवाड़ और बाड़मेर क्षेत्र में पुरुष लकड़ी व छाड़ियाँ लेकर गोल घेरे में नृत्य करते है। इन नर्तकों को ‘गेरिये’ कहा जाता है। यह नृत्य होली के दूसरे दिन से प्रारम्भ होकर पंद्रह दिन तक चलता है।राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में होली के दिनों में लगभग एक सप्ताह तक गीदड़ नृत्य का आयोजन किया जाता है। होली के त्यौहार पर प्रह्लाद स्थापना जिसे स्थानीय भाषा में ‘डंडा रोपना’ कहते है के बाद इस नृत्य की शुरुआत होती है।चंग नृत्य राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में होली के दिनों में पुरुषों द्वारा किया जाता है। हर पुरुष के पास चंग होता है जिसे बजाते हुए वह वृताकार में नृत्य करते है।घुड़ला नृत्य जोधपुर में स्त्रियों द्वारा किया जाने वाला प्रसिद्ध नृत्य है। छिद्रित घड़े में दीपक जलाकर उसे अपने सर पर रखकर महिलाएं नृत्य करती है। इस घड़े को घुड़ला कहा जाता है। जोधपुर के राजा राव सातलदेव की घुड़ला खां पर विजय का प्रतीक घुड़ला उत्सव चैत्र माह में मनाया जाता है।